भिवानी। भिवानी में 19 वर्षीय महिला टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में सरकार ने परिजनों की मांगें मान ली हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने ट्वीट कर घोषणा की कि मनीषा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जा रहा है। इसके साथ ही जांच एजेंसी मनीषा के विसरा की जांच भी करवाएगी। वहीं बुधवार दोपहर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ढिगावा मंडी के रेस्ट हाउस में पहुंची। जहां मनीषा मौत मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत की वहीं पुलिस की अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई को लेकर भी मंथन किया। रेनू भाटिया ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार और महिला आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हर पहलू से मामले की जांच होगी। मनीषा को न्याय दिलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और इस मामले में हत्या या आत्महत्या दोनों ही पहलू की जांच के दौरान परिजनों की संतुष्टि कराने की भी बात कही। वहीं मनीषा के शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम पर भी भाटिया ने संज्ञान लिया।
मनीषा की हत्या या आत्महत्या सीबीआई करेगी जांच
-सीएम नायब सिंह सैनी ने ट्वीट कर की घोषणा
-तीसरी बार पोस्टमार्टम के दिल्ली एम्स में भेजी बॉडी
-परिजनों ने अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई
टीचर मनीषा मौत मामले में हरियाणा सरकार द्वारा सीबीआई जांच और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी देने के बाद परिजनों का रुख नरम पड़ा है। बुधवार सुबह भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखे मनीषा के शव को लेने के लिए आईपीएस प्रतीक अग्रवाल पहुंचे। उनके साथ कमांडों और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। एंबुलेंस में मनीषा के शव को दिल्ली एम्स में रिसेपलिंग के लिए ले जाया गया है। शव के साथ एंबुलेंस में दो परिजन भी साथ गए हैं। दिल्ली एम्स में मनीषा के बिसरा सैंपल के साथ तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए शव से भी कुछ नए सैंपल लिए जाएंगे। जिसके आधार पर ही तीसरी बार चिकित्सकों की टीम इस नतीजे पर पहुंचेगी कि आखिर मनीषा की हत्या हुई है या फिर ये आत्महत्या है। अब तक मनीषा के दो पोस्टमार्टम हो चुके हैं। जिसमें पहला पोस्टमार्टम भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में हुआ है। उसमें मनीषा के गले को तेजधार हथियार से काटे जाने, दोनों आगे गायब होने और श्वास व भोजन नली कटी होने की बातें सामने आई थी। इसके बाद ही भिवानी पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। पुलिस की छह टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं। इसी बीच रोहतक पीजीआई में भी मनीषा का दूसरी बार पोस्टमार्टम हो चुका है।
एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने मनीषा की मौत जहरीला पदार्थ निगलने और शव को कुत्तों व जंगली जानवरों द्वारा नोंच खाने की बातें सामने आई थी। जिससे परिजन व ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। इसी के चलते गांव ढाणी लक्ष्मण में सोमवार देर रात से ही पक्का मोर्चा डालकर आंदोलन किया जा रहा था। इससे पहले सिंघानी के पास अनिश्चितकालीन धरना देकर परिजन शव लेने से इंकार कर रहे थे। अब हरियाणा सरकार ने तीसरी बार दिल्ली एम्स में मनीषा के पोस्टमार्टम और मामले की सीबीआई जांच की मांग स्वीकार की है। जिसके बाद मनीषा के शव को दिल्ली एम्स में सैंपलिंग के लिए ले जाया गया है। बुधवार सुबह मनीषा के शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ढिगावा तक लाया गया था, लेकिन परिजनों ने शव को लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वापस शव को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में वापस लाया गया। इसके बाद आईपीएस प्रतीक अग्रवाल की अगुवाई में शव को दिल्ली एम्स में ले जाया गया।
परिजनों ने अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई
भिवानी में 19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में सरकार ने परिजनों की मांगें मान ली हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने ट्वीट कर घोषणा की कि मनीषा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपा जा रहा है। इसके साथ ही जांच एजेंसी मनीषा के विसरा की जांच भी करवाएगी। इस फैसले के बाद मनीषा के पिता संजय और धरना कमेटी ने धरना समाप्त करने और अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई है। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। हम अब मनीषा का अंतिम संस्कार करने को तैयार हैं। हम उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में हमारा साथ दिया और इंसाफ की मांग में मदद की। धरना कमेटी के सदस्यों, जिसमें ढाणी लक्ष्मण के सरपंच जय सिंह और घिकाड़ा के पूर्व सरपंच सोमेश शामिल हैं, ने भी प्रदर्शन में साथ देने वालों का आभार जताया।
सरपंच ने माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया
मनीषा मौत मामले में एक तरफ जहां पुलिस दिल्ली एम्स में शव का तीसरा पोस्टमार्टम कराने गई है इसी बीच गांव ढाणी लक्ष्मण में चल रहे धरने को लेकर भी ग्रामीण अब दो फाड़ नजर आ रहे हैं। बुधवार को गांव ढाणी लक्ष्मण के सरपंच जय सिंह ने आरोप लगाया है कि बाहर के लोग लाठी डंडे लेकर आ गए हैं। जिससे माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे यहां आकर स्थिति को संभाले। सोमवार रात को ही ढाणी लक्ष्मण में ग्रामीणों का धरना शुरू हो गया था। मंगलवार को सुबह धरने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और सुरेश कौथ पहुंचे थे। बुधवार को सरपंच जयसिंह ने गांव में बाहरी लोगों द्वारा मनीषा न्याय मामले की आड़ में माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है।