चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा, विभाग की निदेशक डॉ पलीका अरोड़ा, पीसीएस की अध्यक्षता में, बच्चों के लिए संचालित बाल गृह ‘स्नेहलया’, मलोया, चंडीगढ़ का राज्य स्तरीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में शामिल थे शिप्रा बंसल अध्यक्ष चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग सुमित काहलों, प्रधान मजिस्ट्रेट एवं डॉ. सतिंदर कौर, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड; सुश्री बिसमन आहूजा, प्रोग्राम मैनेजर, राज्य दत्तक संसाधन एजेंसी ज्योत्सना चोपड़ा, सदस्य, बाल कल्याण समिति तथा डॉ विवेक चोपड़ा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग चंडीगढ़।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने मलोया के बाल गृह स्नेहलया का किया निरीक्षण
समिति ने गृह द्वारा रखे गए सभी अभिलेखों, जिनमें वहाँ निवासरत बच्चों की केस फ़ाइलें भी शामिल थीं, का अवलोकन किया। पाया गया कि सभी बच्चे औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े हुए हैं। समिति ने बच्चों की कला एवं शिल्प गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की सराहना की, जो उनके द्वारा बनाए गए लेखों और दीवारों पर किए गए सृजनात्मक कार्यों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल हेतु स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रत्येक तिमाही में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट द्वारा सुझाव दिया गया कि पुस्तकालय में अधिक आयु-उपयुक्त कॉमिक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों में पठन-पाठन की आदत को बढ़ावा मिले। इससे पूर्व समिति ने बालिकाओं के लिए संचालित स्नेहलया आश्रेय, प्रेक्षण गृह, विशेष गृह तथा किशोर सुरक्षा गृह का भी निरीक्षण किया।