भिवानी। लोहारू क्षेत्र के गांव ढाणी लक्ष्मण की 19 वर्षीय टीचर मनीषा की मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन जहां इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं ग्रामीण और परिजन इसे षड्यंत्रजनित हत्या मान रहे हैं। इसी विरोध में मंगलवार को हजारों लोग सडक़ पर उतर आए और शव के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। ढाणी लक्ष्मण में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। भारी संख्या में ग्रामीणों ने गांव ढाणी लक्ष्मण को जाता रास्ता रोक दिया। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने कहा कि वह बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। गुस्से और अफवाहों पर काबू पाने के लिए हरियाणा सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी जिलों में मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस और डोंगल सेवाओं को अस्थायी रूप से 21 अगस्त तक बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि ब्रॉडबैंड इंटरनेट और वॉयस कॉल सेवाएं चालू रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट और अफवाहों से स्थिति बिगड़ सकती थी, इसलिए यह कदम उठाया गया। जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, मनीषा की मौत को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मनीषा के परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार, हालात तनावपूर्ण
हजारों लोग सडक़ पर उतरे, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
भिवानी व चरखी दादरी जिलों में दो दिन के लिए इंटरनेट बंद
आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल किया गया तैनात
विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रही है।
चिकित्सकों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीषा की बॉडी में जहर पाए जाने की पुष्टि हुई है, वहीं पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी हैंडराइटिंग भी मैच होना बताया और शव को जंगली जानवरों द्वारा नोचने की बात कही गई। इस रिपोर्ट के बाद सोमवार देर रात को कमेटी ने फैसला लेकर शव लेकर अंतिम संस्कार का फैसला लिया था। मंगलवार सुबह मनीषा के पिता संजय ने कहा कि मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। प्रशासन के दबाव के कारण हम संस्कार करने को राजी हो गए थे। प्रशासन ने धरना कमेटी के जरिए दबाव बनाया था। इसके बाद पंचायत ने मनीषा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। लोग आक्रोश में आ गए और गांव ढाणी लक्ष्मण के सभी रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया। गांव में जाने वाले सभी कच्चे और पक्के रास्तों पर पेड़ और पत्थर डालकर उन्हें बंद कर दिया है। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर इकठ्ठा हो गए। ग्रामीणों द्वारा इस जघन्य अपराध की सीबीआई से जांच कराने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि पूरा गांव संजय के साथ है। किसी के दबाव में आकर कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा। पंचायत में भिवानी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए, साथ ही मनीषा के परिवार को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की। मनीषा का शव भिवानी के अस्पताल में ही रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह बिना इंसाफ मिले मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी पुलिस फोर्स मंगाई गई है। पानीपत से 108 कर्मचारियों वाली एक पुलिस कंपनी सुबह ही भिवानी भेजी जा चुकी है।
मनीषा की मौत के मामले को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर भिवानी और चरखी दादरी जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह निर्णय कानून व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है। इस बारे में प्रदेश गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए आदेश दिया कि ब्रॉडबैंड और लीज लाइन को छोड़ सभी तरह से इंटरनेट सर्विस और बल्क एसएमएस बंद रहेंगे। ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाई जा सके।
11 अगस्त को घर से निकली थी मनीषा बता दें कि मनीषा 11 अगस्त को घर से स्कूल के लिए निकली थी। वहां से कॉलेज में एडमिशन का पता करने जाते वक्त वह गायब हो गई। 13 अगस्त को उसकी लाश मिली थी। जिसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया था।