चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक एन के शर्मा ने पंजाब सरकार को नई औद्योगिक नीति के मुद्दे पर घेरते हुए कहा है कि नई पॉलिसी जारी करने से पहले सरकार पंजाब के आद्योगों की वर्तमान हालत पर श्वेत पत्र जारी करे। अकाली नेता ने आज इस संबंध में पंजाब सरकार से सवाल भी पूछे हैं। एनके शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार नई औद्योगिक पॉलिसी लाने का दावा कर रही है लेकिन पहले से घोषित पॉलिसियों को आजतक धरातल पर सही तरीके से लागू नहीं किया गया है। शर्मा ने कहा कि पंजाब में वर्ष 2022 में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार अब तक के कार्यकाल में तीन बार उद्योग मंत्री बदल चुकी है। नए मंत्री कार्यभार संभालते ही बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने से पहले ही चले जाते हैं।
उद्योगों व औद्योगिक क्षेत्रों पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार:एनके शर्मा
अकाली नेता ने पंजाब सरकार को औद्योगिक पॉलिसी पर घेरा
पंजाब से उद्योग लगातार कर रहे पलायन, पड़ोसी राज्यों ने दरवाजे खोले, पंजाब ने बंद किए
औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं का भारी अभाव
अकाली नेता ने कहा कि पंजाब के राजपुरा, डेराबस्सी,लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों से पिछले तीन वर्षों में सैंकड़ों उद्योग पलायन कर चुके हैं। आज पंजाब के हालात यह हैं कि यहां के उद्योगपति पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करके वहां अपने उद्योगों का विस्तार कर रहे हैं। उद्योगों का पलायन को रोकने के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया है। झूठे वादे और प्रचार के सहारे पूंजी निवेश के नाम पर पंजाब के लोगों को गुमराह करने वाली सरकार बताए कि पिछले तीन साल में कितने उद्योगों की स्थापना हुई है। पंजाब सरकार नई पॉलिसी को लागू करने से पहले इस बारे में प्रदेश की जनता को बताए। शर्मा ने कहा कि पंजाब के उद्योगों में कितने युवाओं को नौकरियां मिली हैं।
शर्मा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान पंजाब का औद्योगिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह से बर्बाद हुआ है। औद्योगिक क्षेत्रों में महंगी बिजली, जल निकासी, खस्ताहाल सड़कें, इंस्पेक्टरी राज का बोलबाला, पानी के संकट और कुशल कारीगरों के अभाव में पंजाब के उद्योगपति पंजाब से बाहर जा रहे हैं। अकाली नेता ने कहा कि नई नीति से पहले सरकार उद्योगों तथा औद्योगिक क्षेत्रों पर जनता के सामने श्वेत पत्र जारी करे।