जींद, 01 मई। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉक डाउन के ज मू कश्मीर के पुंछ जिले के सात मजदूर नरवाना में ही फंसे हुए है। इन मजदूरों ने कहा कि वे नरवाना जन स्वास्थय विभाग के अधीन शहर में सीवर लाईन डालने का काम करते हैं लेकिन लॉक डाउन के कारण उनका काम बंद हो गया और उनका ठेकेदार भी उन्हे छोडक़र फरार हो गया। जबकि ठेकेदार ने उन्हे यहीं पर रहने के लिए कहा था। मजदूूरों ने कहा क लॉक डाउन के कुछ दिन उनका राशन ाी समाप्त हो गया था। जिसके बाद नरवाना की एक सेवा समिति ने उन्हे 15 दिन का राशन दिया था। लेकिन इसके बाद राशन देने से इंकार कर दिया गया। जिसको लेकर वे स्थानीय एसडीएम से भी मिले थे।
लेकिन एसडीएम द्वारा उन्हे कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं दिया गया। जिस कारण अब वे भूखे करने की कगार पर है और वे अपने घर जाना चाहते हैं। ये मजदूर नरवाना की धर्मसिंह कालोनी की गली न बर पांच में एक किराय के मकान में रह रहे हैं। मकान के मालिक ने इन लोगों ने लॉक डाउन के चलते एक माह का किराया भी वसूल लिया है। इन मजदूरों ने कहा कि अब हमारे पास पीने के लिए कुछ नहीं बचा है और ना रूपये। ऐसे में उन्हे यह डर सता रहा है वे कैसे अपने घर अपने बच्चो के पास पहुंच पाएगें। मजूदरों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो उन्हे काम दिया जाए या फिर उन्हे उनके घर भेज दिया जाए ताकि वे अपने परिवारों के साथ रह सके।
उन्होंने कहा कि अगर अब हम कुछ और दिन इस मकान में रहे तो हमारे लिए मकान का किराया देना मुश्किल हो जाएगा। जिस कारण उन्हे मकान छोडक़र सडक़ पर रहना पड़ सकता। उन्होंने कहा कि वे इस स्थिती में नहीं है कि अपने प्रदेश में पैदल या साईकिल पर ही जा सके।