मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का कठिन दौर देखा है, लेकिन पुलिस बल के बलिदानों से राज्य में शांति स्थापित हुई है और आज पंजाब अपनी शांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद पंजाब पुलिस पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा, जिससे पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, जिससे किसानों और उनकी फसलों के लिए जोखिम कम होगा। भर्ती के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल और 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना भ्रष्टाचार के, बेहतर सड़कें और टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत—ये सब ईमानदार शासन का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल केवल सत्ता हासिल करने पर ध्यान देते हैं, वहीं उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है।उन्होंने कहा कि जनता ने अवसरवादी राजनीति को नकार कर एक ऐसी सरकार चुनी है जो उनके हित में काम कर रही है। विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ नेता जनता को भ्रमित कर सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन लोग उनके रिकॉर्ड से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने भी कभी सुखबीर सिंह बादल को पूरी नेतृत्व जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल, डीजीपी गौरव यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।