मुंबई ,12 सितंबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा, “जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, भारत आगे बढ़ेगा। और जब भारत की महिलाएं रुकने से इनकार करेंगी, तो भारत भी unstoppable बनेगा।” उन्होंने कॉरपोरेट जगत से कामकाजी महिलाओं और माताओं को बेहतर सहयोग देने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की सामूहिक पहल शुरू करने का आह्वान किया।
- ‘अपराजिता’ के हिंदी संस्करण के विमोचन पर बोले- भारत अब महिलाओं के विकास से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ रहा है।
- कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की सामूहिक पहल का आह्वान।
यह बात उन्होंने अरुंधति भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘Indomitable’ के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ के विमोचन के मौके पर कही। उन्होंने अरुंधति के नेतृत्व और मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने के जज्बे की सराहना की। अंबानी ने कहा कि अरुंधति ने 2013 में भारतीय स्टेट बैंक की पहली महिला चेयरपर्सन बनकर इतिहास रचा और अपने बाद आने वाली महिलाओं के लिए भी रास्ते खोले।
मुकेश अंबानी ने अरुंधति की किताब से परिवार के मूल्यों, असफलता की जिम्मेदारी खुद लेने, लगातार सीखते रहने और लोगों को साथ लेकर नेतृत्व करने की सीख बताई। उन्होंने कहा कि असफलता के बाद दूसरों को दोष देने के बजाय यह देखना चाहिए कि गलती कहां हुई और आगे क्या बदला जा सकता है। उनके मुताबिक, अच्छा नेतृत्व सिर्फ अनुयायी बनाना नहीं, बल्कि नए नेताओं को तैयार करना है।
मुकेश अंबानी ने कहा कि उन्होंने महिलाओं की ताकत अपनी मां कोकिलाबेन, पत्नी नीता अंबानी और बेटी ईशा अंबानी में भी देखी है। उन्होंने कहा कि नीता और ईशा दोनों कामकाजी माताएं हैं और उनका नेतृत्व नई पीढ़ी की महिलाओं के लिए प्रेरणा है। अंबानी ने कहा कि भारत की युवा महिलाओं का आत्मविश्वास उन्हें देश के भविष्य को लेकर बेहद आशावादी बनाता है।
अंबानी ने कहा कि अरुंधति जैसी महिलाओं की उपलब्धियां प्रेरणा देती हैं, लेकिन कॉरपोरेट जगत को महिलाओं के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने कारोबार जगत के नेताओं से कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए बेहतर सहयोग की व्यवस्था बनाने की अपील की। उन्होंने अरुंधति और अन्य अनुभवी महिलाओं से इस पहल का नेतृत्व करने का आग्रह किया और कहा कि रिलायंस फाउंडेशन इसमें पूरी तरह सहयोग करेगा।
अंत में अंबानी ने कहा, “कठिनाई आएगी, लेकिन हम रुकेंगे नहीं। असफलता आएगी, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। हम उठेंगे, हम सीखेंगे और हम जीतेंगे।”