चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल की विशेषाधिकार समिति ने एम3एम इंडिया के निदेशक रूप बंसल और यतीश वहल तथा उनके प्रतिनिधित्व करने वाले 17 अधिवक्ताओं को बेंच हंटिंग और फोरम शॉपिंग के सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। बुधवार को जारी किए आदेश के बारे में गुरुवार को चंडीगढ़ में यह जानकारी देते हुए कंपनी ने रिपोर्ट की प्रति जारी की। जिसमें कहा गया कि किसी भी अधिवक्ता या मुवक्किल की ओर से कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था।
अनुकूल बेंच हासिल करने के लिए कोई समन्वित प्रयास या हेरफेर का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला। दाखिलें, लिस्टिंग और आपत्तियां सामान्य, सद्भावपूर्ण तथा स्थापित कानूनी प्रथा के अनुरूप थी। समिति ने लिखित सबमिशन, शपथ-पत्र, व्हाट्सएप बातचीत, ईमेल की बारीकी से जांच की और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित कई दौर की बातचीत भी की। सभी संबंधितों द्वारा पूर्ण एवं स्वैच्छिक सहयोग प्रदान किया गया।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी विशेष बेंच के समक्ष अधिवक्ताओं की सीमित लिस्टिंग हाईकोर्ट रजिस्ट्री का आंतरिक गोपनीय मामला है, जिसकी जानकारी अधिवक्ताओं या मुवक्किलों को नहीं होती, इससे फोरम चुनने की किसी जानबूझकर कोशिश की संभावना पूरी तरह खारिज हो जाती है। एम थ्री एम की वाईस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स श्रुतिधर पालीवाल ने इस फैसले का स्वागत किया है।