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निरंजनी अखाड़े की महामण्डलेश्वर संजनानंद गिरी ने चंडीगढ में चतुष्पथ धर्म यात्रा का किया शंखनाद

Updated on Wednesday, February 12, 2025 18:39 PM IST

चंडीगढ़ । कामाख्या शक्तिपीठ की उपासिका व निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर स्वामी संजनानंद गिरी ने चंडीगढ में बुधवार को आगामी अखिल भारतीय चतुष्पथ धर्म यात्रा में शामिल होने हेतु पंजाब व हरियाणा की जनता का आह्वान किया। इस अवसर पर पूज्य महामण्डलेश्वर संजनानंद गिरी ने मां कामाख्या व इस महान यात्रा का महात्म्य बतलाया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु वर्तमान में धर्म के प्रति लोगों में फैल रही अलग-अलग व्याख्याओं व गलत धारणाओं के निवारण व एक नूतन धर्म जन जागरण हेतु चतुष्पथ यात्रा के आयोजन का निर्णय किया है। ज्ञातव्य है कि सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्माधिकारी आदि शंकराचार्य भगवान ने चतुष्पथ यात्रा करके नवधर्म जागरण किया था,महामंडलेश्वर स्वामी संजनानंद गिरी के अनुसार उपरोक्त यात्रा आगामी मार्च से शुरू होकर तकरीबन दो माह तक चलेगी, संपूर्ण यात्रा को दो चरणों में आयोजित किया गया है?

यात्रा की शुरुआत महामंडलेश्वर  संजनानंद गिरी  की अलख जगाना ही अखाड़ो के महामण्डलेश्वरों का कर्तव्य है। पूज्य आदि शंकराचार्य भगवान के द्वारा की गयी चतुष्पथ धर्म यात्रा से जैसे समूचे विश्व में भारत का धर्म ध्वज गौरवान्वित हुआ था। उसी तरह एक बार फिर से मारत की धरती से ये धर्म संदेश पूरे विश्व में गूंजेगा की हम वैश्विक धर्म ध्वज के वाहक है। धर्म, पर्यावरण व विश्व शातिं की कामना के साथ इस यात्रा की शीघ्र शुरुआत होगी। गुरु साहिबान की एतिहासिक धरती व पंजाब की महान जनता एक बार फिर नूतन जन जागरण के इस महान कार्य में अपना योगदान देगी। ऐसी भावना उन्होंने व्यक्त की कि इस विशाल संकल्प व यात्रा हेतु तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। साथ ही मार्ग में पड़ने वाले सभी प्रमुख धर्म स्थान, शक्ति पीठो, देवस्थानों के साथ साथ सनातन धर्म से जुड़े विद्वानों के साथ उनकी मुलाकात भी होगी। उपरोक्त धर्म यात्रा में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों व पक्ष विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के भी भाग लेने की संभावना है। उपरोक्त यात्रा हेतु तैयारियां अपने युद्ध स्तर पर है। इस यात्रा हेतु अलग-अलग कई विभागों का गठन पूज्य महामण्डलेश्वर संजनानंद गिरी के ऑफिस द्वारा किया गया है।

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