Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार • आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन • मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध उतरी नर्सिंग एसोसिएशन

धर्म कर्म

कब है पुत्रदा एकदाशी व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और पारण का शुभ मुहूर्त

Updated on Sunday, January 05, 2025 08:21 AM IST

चंडीगढ़  |  पौष पुत्रदा एकादशी, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, जो संतान सुख, उनके स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद देने वाले माने जाते हैं। यह व्रत विशेष रूप से उन दंपतियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है, जो संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं।

साल की पहली एकादशी कब है?

साल 2025 की पहली एकादशी पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी होगी, जिसे पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, यह एकादशी 9 जनवरी 2025 को दोपहर 12:22 बजे से प्रारंभ होकर 10 जनवरी 2025 को सुबह 10:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, इस व्रत का पालन 10 जनवरी को किया जाएगा।

पौष पुत्रदा एकादशी पर बन रहा है विशेष योग

इस वर्ष पौष मास की पुत्रदा एकादशी अत्यंत कल्याणकारी है। इस दिन सम्पूर्ण दिन ब्रह्म योग का विशेष संयोग उपस्थित है। शास्त्रों में इस शुभ संयोग में दान करने का विशेष महत्व वर्णित है। इस पवित्र अवसर पर व्रत करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के लाभ

इस व्रत का अनुसरण करने से भगवान विष्णु की अनुकंपा प्राप्त होती है। यह न केवल संतान सुख को सुनिश्चित करता है, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं में प्रगति और परिवार में शांति का संचार करता है। यह व्रत संतान की सफलता और उनके स्वास्थ्य के लिए भी किया जाता है।

Have something to say? Post your comment
करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

: करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

: सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

: 15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

: दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

: श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

: माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

: जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

जानें  गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

: जानें गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा  करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

: कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

X