Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार • आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन • मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध उतरी नर्सिंग एसोसिएशन

धर्म कर्म

आज से शुरु हो चुका है रोग पंचक, भूलकर भी 3 नंवबर तक न करें ये काम

Updated on Sunday, October 29, 2017 11:10 AM IST

दिल्ली,28 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया )  : 29 अक्टूबर 2017 को रात 3 बजकर 59 मिनट से से पंचक की शुरुआत हो रही है जो कि 3 नवंबर तक चलेगा। रविवार को पंचक लगने के कारण इसे रोग पंचक कहा जाएगा। 3 नवंबर को सुबह 5 बजकर 30 मिनट को समाप्त हो जाएगा।   भारतीय ज्योतिष की बात करें, तो पंचक बहुत ही अशुभ माने जाते है। माना जाता है कि इस समय में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण से रेवती तक के नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। आज धनिष्ठा नक्षत्र के साथ पंचक की शुरुआत हुआ है। पंचक इन 5 खास नक्षत्र में ही लगता है जो कि धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। जिसमें कोई भी शुभ काम करने की मनाही है।  यह पंचक पांच दिनों के लिए शारीरिक और मानसिक कष्ट देने वाला होता है। इस पंचक में यज्ञोपवीत भी नही किया जाता है। हर शुभ काम की मना ही होती है। यह पंचक रविवार से शुरू होता है।

इस समय पंचक
आज रात 03 बजकर 59 मिनट से पंचक शुरू होंगे और 2 नवम्बर को पूरी रात बिताकर अगली सुबह 05 बजकर 29 मिनट तक पंचक रहेंगे।

इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। इनसे नुकसान हो सकता है। इसलिए इन पंचकों के दौरान कोई ऐसा काम न करें। जिससे आपको परेशानियों का सामना करना पड़े। जानिए इन दिनों में कौन से काम करना अशुभ माना जाता है।

राजमार्त्तण्ड ग्रंथ में माना गया है कि जब पंचक शुरू हो जब तक यह रहे तब तक किसी यात्रा में नही जाना चाहिए। अगर आप कही जा भी रहे है तो दक्षिण दिशा की ओर तो बिल्कुल भी न जाएं, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है। जिसके कारण आपका यात्रा करना दुर्घटना या कोई विपत्ति ला सकता है।

Have something to say? Post your comment
करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

: करोड़ों की वैल्यू वाले फिटनेस वेंचर ‘ग्रैनिमल्स’ में आपराधिक साजिश

सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

: सुपवा की 'अभिव्यंजना' में होगा 2 हजार से अधिक कलाकृतियों का दीदार

15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

: 15 जुलाई-विश्व युवा कौशल दिवस पर विशेष

दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

: दातीजी महाराज...एक ऐसा संत, जिसका जीवन मानव कल्याण, गायों की सेवा, बेटियों की खुशहाली और धर्म की रक्षा को समर्पित

श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

: श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपना 172वां भंडारा आयोजित किया

माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

: माता मनसा देवी मंदिर में चोला अर्पित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

: जानें Kainchi Dham क्यों कहलाता है नीब करौली बाबा का आश्रम

जानें  गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

: जानें गणेश जी ने मूषक राज को ही अपने वाहन के रूप में क्यों चुना?

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा  करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से जीवन में होगी सभी सुखों की प्राप्ति

कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

: कब है पापमोचनी एकादशी-चैत्र नवरात्र, आइए जानते हैं इस माह के व्रत और त्योहार

X