Saturday, 17 October 2026
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ज्योतिष

इस दशहरे पर कैसे करें पूजा

इस दशहरे पर कैसे करें पूजा

आश्विन शुक्ल दशमी के दिन मनाया जाने वाला विजयादशमी का पर्व वर्षा ऋतु के समापन तथा शरद के आरंभ का सूचक है।यह क्षत्रियों का भी बड़ा पर्व है। ब्राहमण सरस्वती पूजन और क्षत्रिय शस्त्र पूजन करते हैं।

13 और 14 अक्तूबर , को करें   कन्या पूजन ?

13 और 14 अक्तूबर , को करें   कन्या पूजन ?

इस बार शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि का पूजन 14 अक्टूबर 2021 दिन गुरुवार को किया जाएगा और इसी के साथ नवरात्रि 

का समापन हो जाएगा। कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं को अपने घर आमंत्रित कर देना चाहिए। शास्त्रों के  अनुसार दो वर्ष लेकर 10 वर्ष तक की कन्या को कंजक पूजन के लिए आमंत्रित करना चाहिए यदि आप दुर्गाष्टमी के दिन करते  हैं तो कन्या पूजन 13 अक्टूबर को होगा और यदि महानवमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 14 अक्टूबर को होगा।

 

चंद्र राशि और अंक विज्ञान के अनुसार आप अपना भविष्य जानिए

चंद्र राशि और अंक विज्ञान के अनुसार आप अपना भविष्य जानिए

1.मेष

2021 काफी अच्छा रहेगा। इस वर्ष मुख्य रूप से आपके करियर और बिजनेस में सफलता प्राप्त होगी। कर्मफल दाता शनि देव की अपार कृपा प्राप्त होगी जो आपके आर्थिक जीवन को खुशहाल बनाने में मदद करेगी। बहुत समय से अटकी हुई कोई योजना पूर्ण हो जाएगी जिससे आपको अच्छा धन लाभ होगा। आपका पारिवारिक जीवन समस्याओं से घिरा रहेगा।

कैसा रहेगा 2021 आप और देश के लिए ?

कैसा रहेगा 2021 आप और देश के लिए ?

2021 की शुरूआत में गुरू मकर राशि में होंगे तथा 6 अप्रैल को कुम्भ में प्रवेश करेंगे पुनः 14 सितंबर को 

 

वक्री होकर मकर में आएंगे। इसके बाद 21 नवम्बर को पुनः कुम्भ राशि में प्रवेश कर जाएंगे और शनि 

मकर राशि में ही रहेंगे। राहु वृष राशि में तथा केतु वृश्चिक राशि रहेगा। मंगल सम्पूर्ण वर्ष मेष राशि से 

वृश्चिक राशि तक गोचर करेगा। इसी प्रकार अन्य ग्रह भी सम्पूर्ण वर्ष सभी राशियों में भ्रमण करते रहेगें 

और उसका प्रभाव आपके ऊपर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ेगा।

ज्योतिष .- तीज और विवाह, राशि अनुसार करें ये उपाय, जल्द बनेगा शादी का संयोग

ज्योतिष .- तीज और विवाह, राशि अनुसार करें ये उपाय, जल्द बनेगा शादी का संयोग

वास्तव में तीज का संबंध शीघ्र विवाह से ही है. जिन लोगों की शादी नहीं हुई है या जिनकी शादी में कोई अड़चन आ रही है, तो हम आपको बता रहे हैं कुछ उपाय जिन्हें करने से आपकी शादी का संयोग जल्द से जल्द बन जाएगा.

हरियाली तीज 23 जुलाई गुरुवार

हरियाली तीज 23 जुलाई गुरुवार

वर्तमान समय के कोरोना काल में हर व्रत, पर्व, त्योहार, धार्मिक अनुष्ठान बहुत सीमित रुप से , उसके महत्व को ध्यान में रख कर , सार्वजनिक स्थानांे, धर्मस्थलों की बजाए घरों या ऑनलाइन मनाए जा रहे हैं। आप भी पूरी निष्ठा से मनाएं परंतु सभी नियमों का पालन करते हुए ताकि गलती से भी न हम संक्रमित हों न दूसरों को होने दें।

सावन के सोमवार को खरीदें इनमें से कोई भी एक चीज, होगा भाग्य उदय

सावन के सोमवार को खरीदें इनमें से कोई भी एक चीज, होगा भाग्य उदय

भस्म:पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी.

चातुर्मास  इस बार 4 की बजाए - 5 मास का रहेगा।

चातुर्मास इस बार 4 की बजाए - 5 मास का रहेगा।

इस वर्ष चातुर्मास जो पहली जुलाई से, 25 नवंबर तक है, चार मास की बजाए, पांच मास का रहेगा। इस चौमासे का विवरण रामायण काल में भी मिलता है जब भगवान राम, कहते हैं कि अब चौमासा भी समाप्त होने जा रहा है और सीता जी का कुछ पता नहीं चल रहा।  इस बार आश्विन मास, मलमास अर्थात अधिक मास होने से एक की बजाय दो बार आएगा और सभी उत्सव, पर्व एवं त्योहार आदि गत वर्षों की तुलना में लेट आएंगे।

देवशयनी एकादशी बुधवार, जुलाई 1, 2020 को

देवशयनी एकादशी बुधवार, जुलाई 1, 2020 को

क्या देव भी पौराणिक काल में क्वारंटाइन होते थे?

क्या देव भी पौराणिक काल में क्वारंटाइन होते थे?

देवशयनी  से देवउठनी एकादशी के बीच नहीं होगा विवाहों का लॉकडाउन

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ग्रहण का किस राशि पर क्या होगा प्रभाव बता रहे हैं मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्,

ग्रहण का किस राशि पर क्या होगा प्रभाव बता रहे हैं मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्,

ग्रहण में क्या करें क्या न करें

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शुभ फल लेकर नहीं आते ग्रहण:मदन गुप्ता

शुभ फल लेकर नहीं आते ग्रहण:मदन गुप्ता

हैदराबाद, कोलकाता, चंडीगढ़, बंगलौर, लखनऊ, चैन्नई में दिखेगा ग्रहण

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21 जून के  इस दुर्लभ सूर्य ग्रहण से बढ़ेंगी आशंकाएं, रहना होगा हर तरफ से सचेत

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ग्रहण में भूलकर भी न करें ये गलती

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सूर्यग्रहण के दिन ये तीन राशि वाले रखें सावधानियां

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सूर्यग्रहण:12 घंटे पहले शुरू होगा सूतककाल

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चंद्र ग्रहण: इन राशियों वाले रहें सावधान

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पांच जून को चंद्र ग्रहण, इन कामों को भूलकर भी न करें

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5 जून  को चंद्र ग्रहण

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क्या है गंगा दशहरा का महत्व यहां जानिए 

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लॉक डाउन में कैसे और क्यों मनाएं निर्जला एकादशी ?

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शनि जयंती और वट सावित्री व्रत एक ही दिन 22 मई को 

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