चंडीगढ़, 18 अक्टूबर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में न्याय मिलने तक काली पगड़ी पहनने का ऐलान किया है। उन्होंने आज से काली पगड़ी पहनना शुरू करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
उल्लेखनीय है कि ढिल्लों शनिवार को मानसा में परविंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने के लिए चल रहे मोर्चे में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की थी कि न्याय मिलने तक काली पगड़ियां, काली चुनरियां और काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाए। परविंदर सिंह के पिता सरदार भीम सिंह और मोर्चे में शामिल संगत ने उनकी इस अपील को स्वीकार कर लिया था।
काली पगड़ी पहनकर ढिल्लों ने ‘आप’ सरकार के खिलाफ जताया विरोध, मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप करा रही है ‘आप’ सरकार: केवल ढिल्लों
न्याय मिलने तक काली पगड़ी, काली चुनरी और काले झंडों के साथ जारी रहेगा विरोध: पंजाब भाजपा अध्यक्ष
ढिल्लों ने कहा, “नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक युवा के साथ जो हुआ, उसने पंजाबियों को झकझोर कर रख दिया है। जो नौजवान पंजाब की जवानी को नशे से बचाने की लड़ाई लड़ रहा था, उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह सिर्फ परविंदर सिंह की हत्या नहीं, बल्कि पंजाब की कानून-व्यवस्था की भी हत्या है।”
उन्होंने बताया कि वह परिवार के सदस्य के तौर पर मोर्चे में शामिल होने गए थे। वहां उन्होंने लोगों से अनुरोध किया था कि वे इस अंधी-बहरी सरकार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर और काले झंडे लेकर अपना विरोध दर्ज कराएं। अब उन्होंने खुद काली पगड़ी पहनना शुरू कर दिया है, जो न्याय मिलने तक जारी रहेगी।
ढिल्लों ने कहा कि यह काली पगड़ी महज कपड़ा नहीं, बल्कि सरकार की विफलता के खिलाफ विरोध का प्रतीक है। उन्होंने सभी पंजाबियों से एकजुट होकर पीड़ित परिवार की आवाज बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “भाजपा परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और न्याय के लिए हर स्तर पर आवाज बुलंद करेगी।”
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ‘आप’ सरकार नशे पर रोक लगाने के बजाय नशे के खिलाफ उठने वाली आवाजों को ही दबाने में लगी है। उन्होंने कहा कि पहले नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तूर बंजारा के गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया, फिर परविंदर सिंह झोटा की हत्या हुई और इसके बाद गुरदासपुर के गांव माड़ी पन्नवां के बिक्रमजीत सिंह की भी हत्या कर दी गई।
ढिल्लों ने कहा कि सरकार नशे पर अंकुश लगाने और पंजाब को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। इसलिए मुख्यमंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस सरकार को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।