चंडीगढ़, 27 अगस्त: पंजाब में कभी सहयोगी रहे भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर बातचीत की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे के साथ-साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा की संभावनाएं हैं।
हालांकि, भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने अपने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी की 117 सीटों पर तैयारी का संदेश दिया था। इसके बावजूद, सूत्रों के अनुसार, संभावित गठबंधन की स्थिति में चर्चा के लिए भाजपा ने 55 से अधिक विधानसभा सीटों की एक सूची तैयार रखी है।
सीटों के बंटवारे और सीएम पद पर चर्चा के संकेत
भाजपा की संभावित सीटों की सूची में वे 45 विधानसभा क्षेत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन एसएडी से बेहतर रहा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पंजाब की 23 विधानसभा सीटों में सबसे आगे रही थी, जबकि 6 सीटों पर दूसरे और 16 पर तीसरे स्थान पर रही। इस तरह भाजपा कुल 45 विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में थी।
वहीं,एसएडी 9 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे आगे रहा था, जबकि 5 सीटों पर दूसरे और 5 पर तीसरे स्थान पर था। इस तरह एसएडी का कुल आंकड़ा 19 विधानसभा क्षेत्रों का रहा।
साथ आते तो 57 सीटों पर बढ़त का दावा
भाजपा के एक आंतरिक आकलन के मुताबिक, अगर 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा और अकाली दल को मिले वोटों को जोड़ दिया जाता, तो दोनों दल 117 में से करीब 57 विधानसभा क्षेत्रों में आगे होते। इनमें भाजपा 23 और अकाली दल 9 सीटों पर अलग-अलग बढ़त में थे, जबकि 25 अन्य सीटों पर दोनों के वोट जोड़ने से गठबंधन को बढ़त मिलती। पंजाब विधानसभा में बहुमत के लिए 59 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में भाजपा के आकलन में संभावित गठबंधन को मजबूत चुनावी स्थिति में बताया गया है।
इस बार सीएम पद पर भी पेच
गठबंधन वार्ता में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद का मुद्दा भी अहम माना जा रहा है। पुराने गठबंधन में भाजपा 23 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ती थी, जबकि मुख्यमंत्री पद एसएडी के पास रहता था। भाजपा नेता बीएल संतोष के 117 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले बयान को लेकर एक भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी सभी 117 सीटों पर बूथ स्तर तक अपनी मौजूदगी मजबूत करने और चुनाव की तैयारी करेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि संतोष ने पंजाब की सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों, जिनमें आप और कांग्रेस शामिल हैं, पर निशाना साधा, लेकिन अकाली दल का उल्लेख नहीं किया।