जालंधर, 27 अगस्त: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की ‘महाहड़ताल’ के बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के बीच प्रस्तावित बैठक गतिरोध के चलते बीच में ही रद्द हो गई। बैठक रद्द होने के बाद कर्मचारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी जालंधर स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर में जमा रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
डीए की लंबित किस्तें और पुरानी पेंशन योजना प्रमुख मांगें
सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने लंबित महंगाई भत्ते (डीए) की किस्तें जारी करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने समेत कई मांगों को लेकर ‘महाहड़ताल’ का आह्वान किया था। इसके तहत अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया और डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। कर्मचारी संगठनों की ओर से 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत के लिए भेजा गया था। मुख्यमंत्री से करीब दोपहर 1 बजे बातचीत होने की उम्मीद थी।
मुख्यमंत्री की पोस्ट के बाद बदला माहौल
बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक पोस्ट के जरिए कहा कि एक तरफ हड़ताल और दूसरी तरफ बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ गई। यूनियन नेताओं ने इसे निर्धारित बैठक से पीछे हटने के रूप में देखा। सरकारी टीचर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष नवप्रीत सिंह ने इसके बाद ऐलान किया कि जब तक मुख्यमंत्री कर्मचारी प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाते, तब तक बीएमसी चौक को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका रास्ता
घोषणा के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी डीसी कार्यालय परिसर से बाहर निकलने लगे। पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर वहां पुलिस बसें और दंगा नियंत्रण वाहन खड़े कर दिए। कर्मचारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी मुख्य गेट से बाहर नहीं निकल सके तो कुछ कर्मचारियों ने परिसर की दीवारें फांदकर वैकल्पिक रास्तों से बाहर निकलने का प्रयास किया। हालांकि, डीसी कार्यालय से करीब 50 मीटर की दूरी पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
अगले सप्ताह बातचीत का आश्वासन
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मनप्रीत ढिल्लों ने कर्मचारियों को बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत अगले सप्ताह तक स्थगित की गई है। हालांकि, कर्मचारी प्रतिनिधि तत्काल बातचीत की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा या वित्त विभाग के सचिव के साथ बातचीत करने से भी इनकार कर दिया। फिलहाल कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से अगले सप्ताह प्रस्तावित बातचीत में समाधान निकलने की उम्मीद है।