जालंधर: करतारपुर क्षेत्र में एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई महिला ने मौत से पहले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में अपने पति और सास पर जबरन टॉयलेट क्लीनर हार्पिक पिलाने का आरोप लगाया था। गंभीर हालत में उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मजिस्ट्रेट के सामने लिखित बयान में महिला ने लगाए गंभीर आरोप; पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की
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पुलिस के अनुसार, संगरूर के धूरी की रहने वाली नेहा की शादी करीब सात साल पहले करतारपुर निवासी उमंग बस्सी से हुई थी। दोनों की छह साल की बेटी भी है। नेहा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उसके पति के एक अन्य महिला से संबंध थे और इसका विरोध करने पर घर में अक्सर विवाद होता था।
महिला ने मजिस्ट्रेट को बताया कि 19 अगस्त को इसी मुद्दे को लेकर फिर झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसके बाद पति उमंग बस्सी और सास कुसुम बस्सी ने मिलकर उसे जबरन हार्पिक पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
महिला बोलने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए उसने लिखकर अपना बयान दर्ज कराया। आरोप है कि बाद में पति और सास उसे अस्पताल में छोड़कर चले गए और छह साल की बच्ची को भी साथ ले गए।
मृतका के भाई अमरीश कुमार ने आरोप लगाया कि परिवार को घटना की जानकारी करीब 24 घंटे बाद दी गई। उन्होंने पुलिस पर भी ढिलाई का आरोप लगाया और कहा कि आरोपी पति घटना के बाद भी अस्पताल में मौजूद था।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान के आधार पर करतारपुर पुलिस ने 21 अगस्त को BNS की धाराओं 123, 109 और 85 के तहत उमंग बस्सी और कुसुम बस्सी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।