चंडीगढ़, 14 अगस्त: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान को खत्म करने की कोशिशों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अगस्त के अंत तक अमृतसर का दौरा कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान राहुल गांधी श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के साथ शहर के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी जा सकते हैं।
राहुल गांधी के दौरे को पंजाब कांग्रेस में एकजुटता कायम करने की पार्टी हाईकमान की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, उनके दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस नेताओं की ओर से ‘यूनिटी बस यात्रा’ आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले कांग्रेस हाईकमान प्रदेश संगठन में चल रही गुटबाजी को खत्म करना चाहता है। फरवरी में बरनाला दौरे के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करने की नसीहत देते हुए कहा था कि सभी को मिलकर काम करना होगा, अन्यथा घर बैठना पड़ेगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने असंतुष्ट नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी दबाव में फैसला नहीं करेगा और जमीनी परिस्थितियों के आधार पर संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, धर्मवीर गांधी, शेर सिंह घुबाया और राणा गुरजीत सिंह समेत कई असंतुष्ट नेता कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर चुके हैं।
बुधवार को पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी संसद भवन में राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ नजर आए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि राहुल गांधी ने पंजाब के किसी नेता के साथ अलग से बैठक की है या नहीं।
इस बीच कांग्रेस की ‘हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ मुहिम का दूसरा चरण, जो दोआबा और माझा में होना था, 25 अगस्त तक रोक दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इसका अगला चरण राहुल गांधी के पंजाब दौरे के साथ शुरू हो सकता है। अभियान का पहला चरण 31 जुलाई से 8 अगस्त तक चला था, लेकिन कई कार्यक्रमों में नारेबाजी और आपसी विवाद के कारण पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के फैसले के बाद से नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया है। राहुल गांधी के प्रस्तावित अमृतसर दौरे को इसी विवाद के बीच संगठन में एकता का संदेश देने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।