चंडीगढ़: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद के मानसून सत्र के बाधित रहने, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन और शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मानसून सत्र को लेकर मनीष तिवारी ने कहा कि पूरा सत्र लगभग बेकार चला जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि संसद के 19 दिन प्रभावित हुए। उनके अनुसार, 20 जुलाई को सत्र शुरू होने के समय अपने भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज हुआ था, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार से संसद में बयान देने की मांग की।
तिवारी ने कहा कि राजनीतिक जिम्मेदारी अंततः राजनीतिक कार्यपालिका की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बचती रही और इसी कारण ऐसी स्थिति बनी, जिससे पूरा सत्र प्रभावित हुआ।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनीष तिवारी ने इसे निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में इस तरह का व्यवहार विकृत मानसिकता को दर्शाता है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
वहीं, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। विचारों और राजनीतिक मतभेदों का होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि किसी व्यक्ति पर हिंसक हमला किया जाए। तिवारी ने कहा कि इस मामले में कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई बनती है, वह की जानी चाहिए।