चंडीगढ़, 8 जुलाई: पंजाब सरकार द्वारा एनआरआई समुदाय के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज सरकार की मासिक "ऑनलाइन मिलनी" के दौरान विदेशों में बसे पंजाबियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं के पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
*मान सरकार की "ऑनलाइन मिलनी" विदेशों में बसे पंजाबियों के लिए बनी भरोसेमंद मंच: डॉ. रवजोत सिंह*
*एनआरआई मामलों के मंत्री ने संपत्ति विवाद, वैवाहिक मामलों और पेंशन संबंधी शिकायतें सुनीं; अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश*
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि विभिन्न देशों में रह रहे पंजाबियों ने इस ऑनलाइन मिलनी में भाग लेकर अपनी शिकायतें साझा कीं। बैठक के दौरान संपत्ति एवं भूमि विवाद, वैवाहिक मामलों, धोखाधड़ी तथा अन्य व्यक्तिगत मामलों से संबंधित शिकायतें सुनी गईं। उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी रहे एनआरआई पंजाबियों ने अपनी पेंशन से संबंधित समस्याएं भी उठाईं। इनमें विदेश में रहने के कारण वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त न होने की समस्या तथा पेंशन सत्यापन (वेरिफिकेशन) प्रक्रिया से जुड़ी अन्य तकनीकी कठिनाइयां शामिल थीं।
इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है, डॉ. रवजोत सिंह ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत की प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से जांच करने तथा नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मासिक "ऑनलाइन मिलनी" पहल पंजाब सरकार और विदेशों में बसे पंजाबियों के बीच संपर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावी मंच के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि सरकार एनआरआई समुदाय के अधिकारों एवं हितों की रक्षा, उनकी शिकायतों के शीघ्र निपटारे तथा पंजाब के साथ उनके संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस ऑनलाइन मिलनी के दौरान एनआरआई मामलों के सचिव मोहम्मद तैयब, एडीजीपी एनआरआई विंग श्री आर.के. जायसवाल, एनआरआई मामलों की विशेष सचिव श्रीमती अमनदीप कौर तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।