चंडीगढ़, 1 जुलाई:- भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब की महिलाओं के साथ ‘महाधोखा’ करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के इशारों पर चलने वाली झूठी गारंटियों वाली ‘आप’ सरकार राज्य के लोगों को गुमराह कर केवल चुनावी स्टंट खेल रही है। सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ‘आप’ सरकार द्वारा राशि जारी करने में बड़ी हेराफेरी की गई है।
पांच साल की बजाय सिर्फ 3 महीने के पैसे देकर वोट बटोरने की फिराक में आप सरकार: केवल सिंह ढिल्लों
प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि पंजाब की सभी महिलाओं को पूरे पांच वर्षों के हिसाब से 60 हजार रुपये (जनरल) से 90 हजार रुपये (एससी) तक मिलने चाहिए थे, लेकिन साढ़े चार साल तक एक पैसा भी न देकर अब चुनाव के समय नाममात्र राशि देने का ड्रामा करना महिलाओं के साथ सरासर धोखा है।
उन्होंने कहा कि सरकार मार्च 2026 के बजट सत्र से लेकर लगातार अप्रैल, मई और जून महीने की राशि दिए जाने का प्रचार करती रही, लेकिन अब उसकी जगह चालाकी से जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने की राशि डालकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। इसके तुरंत बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के कारण सरकार केवल तीन महीनों की राशि देकर वोट बटोरने की फिराक में है।
ढिल्लों ने आगे कहा कि जिस समय सरकार इस नाममात्र राशि की राजनीति कर रही है, उसी समय पूरे पंजाब में हाहाकार मचा हुआ है और राज्य के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। धान रोपाई के इस महत्वपूर्ण सीजन में किसानों को खेती के लिए आवश्यक बिजली नहीं मिल रही, जिसके कारण अन्नदाता खेतों में काम करने की बजाय सड़कों पर धरना देने को मजबूर है। दूसरी ओर सरकार की नाकामियों के कारण सभी विभागों के कर्मचारी भी डीए सहित अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे निशाने पर लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के पास बेअदबी रोकथाम कानून और मुख्यमंत्री की हाल ही में वायरल हुई विवादित वीडियो का कोई जवाब नहीं है। अपनी इन नाकामियों और बदनामी को छिपाने के लिए मुख्यमंत्री मंचों पर केवल ड्रामेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार आज हर मोर्चे पर बुरी तरह घिर चुकी है और पंजाब की जागरूक जनता सरकार की इस धोखेबाजी को अच्छी तरह समझती है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों में इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।