जीरकपुर, 30 जून। शिरोमणि अकाली दल के कोषाध्यक्ष एवं डेराबस्सी के पूर्व विधायक एन.के. शर्मा ने पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री माताओं-बेटियों सम्मान योजना' को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस योजना को निष्पक्ष तरीके से लागू करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की।
- राजनीतिक पक्षपात के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकारों से बातचीत के दौरान शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने 1,000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्षों तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब योजना का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही है और सरकार इस योजना का इस्तेमाल वोट बैंक की राजनीति के लिए कर रही है।
शर्मा ने कहा कि "सखियों" की नियुक्ति बिना किसी स्पष्ट मानदंड के की गई है तथा आवेदन पत्र भरवाने की प्रक्रिया में भी पक्षपात के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने एक कथित वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि कुछ लोग केवल आम आदमी पार्टी के समर्थकों के ही आवेदन जमा करने की बात कर रहे हैं।
इस मौके पर वार्ड नंबर 13 की सखी एवं समाजसेवी जसविंदर कौर ने भी आरोप लगाया कि उसी वार्ड की आम आदमी पार्टी की कथित कोऑर्डिनेटर शरणजीत कौर उनके घर आईं और कहा कि केवल उन महिलाओं के आवेदन जमा किए जाएंगे जिन्होंने आम आदमी पार्टी को वोट दिया है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों से जुड़ी महिलाओं के आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे।
एन.के. शर्मा ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला को बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के मिले।