अमृतसर, 30 मई: पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग के प्रति पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता के तहत अमृतसर ऑटोमेटेड ई-चालान प्रणाली लागू करने वाला राज्य का चौथा शहर बन गया है। उन्होंने आज पवित्र नगरी के दौरे के दौरान यह जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल के साथ अमृतसर स्वचालित यातायात प्रवर्तन अपनाने वाले शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिसमें पहले से एसएएस नगर, जालंधर और लुधियाना शामिल हैं। उन्होंने कहा, “ई-चालान प्रणाली का उद्देश्य पूरे शहर में अधिक पारदर्शिता, प्रभावी यातायात प्रवर्तन और बेहतर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है।”
— डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस थाना मोहकमपुरा की नई इमारत का उद्घाटन किया
— अधिक पारदर्शिता, प्रभावी प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्वचालित प्रणाली: डीजीपी गौरव यादव
अपने दौरे के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित पुलिस थाना मोहकमपुरा की नई इमारत का उद्घाटन भी किया। उल्लेखनीय है कि यह नई इमारत पुलिस कर्मियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। उन्होंने इसे राज्य के पुलिस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अमृतसर के निवासियों के लिए सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
डीजीपी के साथ पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) बॉर्डर रेंज संदीप गोयल भी मौजूद थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अपराध के बदलते रुझानों का आकलन करने और निवारक पुलिसिंग रणनीतियों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा, “हम अपने पुलिसिंग ढांचे को लगातार उन्नत कर रहे हैं और तकनीकी प्रगति को अपनाकर जन सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।”
— डीजीपी पंजाब ने अमृतसर में कानून-व्यवस्था पर व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
— ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों, सशस्त्र बलों और सिविल प्रशासन की प्रमुख हस्तियों के साथ भोजन किया
आपसी भाईचारे और टीम भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से डीजीपी गौरव यादव ने ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम में सभी रैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भोजन किया तथा पुलिस बल के साथ खुलकर संवाद किया।
इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, बीएसएफ, न्यायपालिका और सिविल प्रशासन के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उपायुक्त, डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग तथा वायु सेना और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने पुलिस कर्मियों के साथ विस्तृत बातचीत की, उनके अनुभवों और सुझावों को सुना तथा उनके समर्पण, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
पुलिस बल को पेशेवरता, ईमानदारी और साहस के साथ सेवा जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने सभी कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि पंजाब पुलिस नेतृत्व उनकी तथा उनके परिवारों की भलाई के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
डीजीपी ने पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट सेवा, समर्पण और पेशेवरता के सम्मान में डीजीपी प्रशंसा डिस्क, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।