जालंधर| जालंधर के भोजोवाल गांव में गुरु नानक ग्लोबल फाउंडेशन के नेतृत्व में सतत ग्रामीण विकास मॉडल की शुरुआत को लेकर एक विशेष एवं विस्तृत कार्यक्रम गांव के प्राइमरी स्मार्ट स्कूल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा गांव के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भोजोवाल गांव को एक आदर्श और आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करना है, जिसमें जल संरक्षण, टिकाऊ कृषि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ ऊर्जा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान गांव के भविष्य के विकास के लिए तैयार की गई विस्तृत योजना के बारे में भी जानकारी साझा की गई। जल संरक्षण को इस योजना का केंद्रीय हिस्सा बनाया गया है, जिसके अंतर्गत गांव स्तर पर जल बजट तैयार करना, वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना, पारंपरिक तालाबों (छप्पड़ों) का पुनर्जीवन एवं विकास, उपयोग किए गए पानी का पुनः उपयोग तथा जल की गुणवत्ता की नियमित जांच जैसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे भूजल स्तर में गिरावट को नियंत्रित करने और जल संकट को दूर करने में मदद मिलेगी।
प्राइमरी स्मार्ट स्कूल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अभिभावकों की बड़ी भागीदारी
कृषि क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव की योजना बनाई गई है, जिसके तहत किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से हटकर मक्का, दालें, फल और सब्जियों की खेती की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसान उत्पादक संगठनों का गठन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने और शीत भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और कौशल विकास को सुदृढ़ करने के लिए कई पहल की जाएंगी, जिनमें स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, कोडिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की जानकारी, कौशल विकास केंद्र तथा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में टेलीमेडिसिन सेवाएं, नियमित स्वास्थ्य शिविर, फिटनेस सुविधाएं और पोषण कार्यक्रम लागू करने की योजना है। इसके साथ ही गांव में स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके तहत छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली, सोलर स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन प्रणाली, बायोगैस संयंत्र तथा सड़क और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
गांव के आर्थिक विकास के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के प्रयास भी किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण व्यवसाय प्रोत्साहन केंद्र, महिला स्वयं सहायता समूह, डिजिटल कार्य केंद्र और साप्ताहिक किसान बाजार जैसे कदम शामिल हैं, जिससे गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्रम के दौरान गुरु नानक देव ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन एवं चांसलर बलजीत सिंह ने अपने संबोधन में पंजाब के विकास के लिए अपना विजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि गांवों के विकास के बिना राज्य की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने जल संरक्षण, कृषि सुधार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और नशा मुक्त समाज के निर्माण पर विशेष जोर दिया तथा इसे सामुदायिक सहभागिता पर आधारित एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर सरपंच रेनू रानी, पंचायत सदस्य परम कुमार, सुरजीत सिंह, किसान विंग ब्लॉक प्रमुख सुखविंदर सिंह (सुखा), गुरमिंदर सिंह, हरकमल सिंह और बिक्रमजीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा जी.पी.एस. भोजोवाल से नवनीत कौर, रेशमो सोंधी, एस.एम.सी. चेयरपर्सन बलवंत कौर तथा जी.एच.एस. भोजोवाल से जगदीश सिंह, गुरजीत सिंह, कमलजीत कौर और मैडम कविता भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।