Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू • गुरुग्राम में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मारुति सीएसआर के तहत खर्च करेगी 75 करोड़ • अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी • स्वास्थ्य कर्मचारी बोले...ओल्ड पेंशन स्कीम हमारा हक, इसे लागू करे सरकार • इश्मिता होम्स ढकोली में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 80 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण • गुरुग्राम में शुरू हुआ इको एशिया/इको इंडिया-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन • ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में दो घंटे की हड़ताल कर गरजीं नर्सिंग ऑफिसर्स • दिग्गजों से मुलाकात ने बदले अक्षय शर्मा के लिए हल्का उत्तरी के समीकरण • मॉडल नहीं, यह टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी, इसे रद्द करे सरकार

पंजाब

मुख्यमंत्री सेहत योजना डायलिसिस का खर्च बना सरकार की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री

Updated on Friday, May 01, 2026 21:17 PM IST

चंडीगढ़, 1 मई 2026: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत अब तक लगभग 1 लाख डायलिसिस प्रक्रियाएँ की जा चुकी हैं, जिन पर करीब 16.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज (गंभीर गुर्दा रोग) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा समर्थित कैशलेस डायलिसिस योजनाएँ मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उपचार की सफलता अभी भी इलाज की उपलब्धता से अधिक उसे वहन करने की क्षमता पर निर्भर करती है।

लुधियाना के ध्यान सिंह सप्ताह में दो बार अस्पताल जाते हैं। लंबे समय से डायलिसिस करवा रहे मरीजों की तरह उन्हें भी नियमित उपचार के बावजूद कई शारीरिक और मेटाबोलिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि ‘सेहत कार्ड’ के माध्यम से मिल रही आर्थिक सहायता से उन्हें काफी राहत मिली है। अब तक वे दर्जन से अधिक बार कैशलेस इलाज ले चुके हैं। वे कहते हैं, “जब से मैंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में पंजीकरण करवाया है, तब से सिमरिता नर्सिंग होम में मेरा डायलिसिस मुफ्त हो रहा है।”

 

  • सेहत योजना से 1 लाख मुफ्त डायलिसिस, 16.5 करोड़ खर्च
  • पंजाब में सेहत योजना बनी किडनी मरीजों का सहारा
  • कैशलेस डायलिसिस से किडनी मरीजों को नई उम्मीद

 


क्रोनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन दिनों या हफ्तों में नहीं, बल्कि मशीन के चक्रों में सिमट जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार, लगभग चार घंटे के लिए, शरीर से खून निकालकर डायलिसिस मशीन के माध्यम से फिल्टर किया जाता है और फिर उसे उन विषैले तत्वों से साफ करके वापस शरीर में डाला जाता है, जिन्हें खराब हो चुकी किडनियाँ अब बाहर नहीं निकाल पातीं। यह प्रक्रिया जीवन को जारी रखती है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ नहीं बनाती।

भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज एक गंभीर जन-स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसका सीधा संबंध डायबिटीज और उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के बढ़ते मामलों से है।

जन-स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हर साल लाखों मरीज एंड-स्टेज किडनी डिजीज के साथ उपचार के लिए पहुंचते हैं, जहाँ जीवित रहने के लिए लंबे समय तक डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसे तेजी से बढ़ रही गैर-संचारी बीमारियों में शामिल करता है, जिसका कारण बढ़ती उम्र और जीवनशैली से जुड़े जोखिम हैं। भारत में यह संकट उपचार के खर्च के कारण और भी गंभीर हो जाता है।

निजी क्षेत्र में एक डायलिसिस सत्र की लागत 1,500 से 4,000 रुपये के बीच होती है। अधिकांश मरीजों को सप्ताह में दो से तीन डायलिसिस सत्रों की आवश्यकता होती है, जिससे वार्षिक खर्च कई लाख रुपये तक पहुंच जाता है—जो निरंतर आर्थिक सहायता के बिना अधिकांश परिवारों के लिए कठिन है। उपचार का निर्णय अक्सर चिकित्सा आवश्यकता के साथ-साथ आर्थिक स्थिति पर भी निर्भर करता है।

इस संदर्भ में पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ जैसी सरकारी योजनाएँ उपचार में आने वाली बाधाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अधिकांश मामलों में किडनी की बीमारी कई दीर्घकालिक रोगों का परिणाम होती है, जो वर्षों तक चुपचाप गुर्दों को नुकसान पहुँचाते रहते हैं और लक्षण देर से सामने आते हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों का जेब से होने वाला खर्च कम हुआ है और वे इलाज बीच में छोड़ने से बच रहे हैं।

इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “अब तक स्वास्थ्य योजना के तहत 1 लाख मुफ्त डायलिसिस उपचार, जिनकी लागत 16.5 करोड़ रुपये है, प्रदान किए जा चुके हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि कोई भी मरीज पैसों की कमी के कारण डायलिसिस से वंचित न रहे।”

मोगा के दिल्ली हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सौरव गोयल का कहना है कि डायलिसिस में आर्थिक सहायता का प्रभाव केवल सुविधा तक सीमित नहीं है। वे बताते हैं, “डायलिसिस इलाज नहीं, बल्कि जीवन को बनाए रखने वाली प्रक्रिया है। यदि मरीज एक या दो सत्र भी छोड़ दे, तो शरीर में विषैले तत्व तेजी से जमा हो जाते हैं, जो जानलेवा हो सकते हैं। कैशलेस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इलाज में निरंतरता बनी रहती है, और डायलिसिस में निरंतरता ही जीवन है।”

अपना अनुभव साझा करते हुए वे कहते हैं, “अब हम पहले की तुलना में हर महीने अधिक डायलिसिस सत्र कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश कैशलेस उपचार के अंतर्गत होते हैं। यह मरीजों के लिए बड़ी मदद और डॉक्टरों के लिए भी राहत की बात है, क्योंकि इससे आर्थिक कारणों से इलाज रुकने की समस्या लगातार कम हो रही है।”

डॉ. गोयल के अनुसार भारत में सबसे बड़ी चुनौती रोग की समय पर पहचान है। अधिकांश मरीज इलाज के लिए तब आते हैं, जब गुर्दों की कार्यक्षमता काफी हद तक पहले ही समाप्त हो चुकी होती है। उस समय विकल्प केवल डायलिसिस या ट्रांसप्लांट तक ही सीमित रह जाते हैं।

मेडिकल रिसर्च के अनुसार भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीजों को भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण कई परिवार इलाज शुरू करने के कुछ ही महीनों में अपनी बचत खत्म कर देते हैं या कर्ज में डूब जाते हैं।

Have something to say? Post your comment
एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू

: एवरेस्टबीकेसीसी सीज़न 8 की राष्ट्रीय यात्रा शिमला से शुरू

मुख्यमंत्री इस्तीफा दें, नहीं तो जनता सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी: सांपला

: मुख्यमंत्री इस्तीफा दें, नहीं तो जनता सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी: सांपला

पंजाब के किसानों को मंडियों में परेशान करना बंद करे सरकार: बलबीर सिंह सिद्धू

: पंजाब के किसानों को मंडियों में परेशान करना बंद करे सरकार: बलबीर सिंह सिद्धू

सीबीआई जांच की मांग को लेकर डीसी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन

: सीबीआई जांच की मांग को लेकर डीसी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन

पठानकोट में 7.823 किलो हेरोइन सहित महिला समेत दो तस्कर गिरफ्तार

: पठानकोट में 7.823 किलो हेरोइन सहित महिला समेत दो तस्कर गिरफ्तार

मैड संधू क़तल केस : मुख्य आरोपी जोबनप्रीत सिंह मुंबई से गिरफ्तार; 3 पिस्तौल बरामद

: मैड संधू क़तल केस : मुख्य आरोपी जोबनप्रीत सिंह मुंबई से गिरफ्तार; 3 पिस्तौल बरामद

हमारा लक्ष्य मानक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम बनाना है: मुख्यमंत्री

: हमारा लक्ष्य मानक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम बनाना है: मुख्यमंत्री

अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी

: अक्षय शर्मा को आशीर्वाद देने पहुंचे संत मलकीयत नाथ जी

अकाली दल की सरकार में लालडू बनेगा गेटवे ऑफ पंजाब:कृष्ण पाल शर्मा

: अकाली दल की सरकार में लालडू बनेगा गेटवे ऑफ पंजाब:कृष्ण पाल शर्मा

पी.एस.आई.सी. ने राज्य स्तरीय आर.टी.आई. दिवस मनाया

: पी.एस.आई.सी. ने राज्य स्तरीय आर.टी.आई. दिवस मनाया

X