चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने पंजाब सरकार पर महिलाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मावां-धीयां सत्कार योजना के नाम पर एक बार फिर से पंजाब की महिलाओं को गुमराह किया गया है।
आज यहां जारी बयान में अरविंद खन्ना ने कहा कि वर्ष 2022 के चुनाव के दौरान इस योजना का ऐलान करने वाली आम आदमी पार्टी ने चार साल तक चुप रहने के बाद वर्ष 2026 में शुरू करने का ऐलान किया। चार तक पंजाब की महिलाओं को झूठे वादों से गुमराह किया गया। अब 13 अप्रैल को योजना के लिए पंजीकरण का ऐलान करके 15 अप्रैल से शुरू किया। 15 अप्रैल को भी पंजाब के 117 हलकों की बजाए केवल आदमपुर, मलोट, आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला तथा पटियाला में ही शुरू किया गया।
108 विधानसभा हलकों में महिलाओं को अभी करना होगा पंजीकरण का इंतजार
पांच साल का वादा करके केवल छह माह भत्ता देने की तैयारी
108 हलकों की महिलाओं को पंजीकरण के लिए अभी एक महीना और इंतजार करना पड़ेगा। अरविंद खन्ना ने कहा कि सरकार साफ कर चुकी है कि जुलाई माह से सामान्य वर्ग की महिलाओं को एक हजार तथा दलित एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मिलेंगे।
महिलाओं के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। वर्ष 2022 में महिलाओं को भत्ता देने का ऐलान करने वाली सरकार केवल छह माह के लिए यह भत्ता दे पाएगी। उसके बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव आ जाएंगे। अरविंद खन्ना ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए महिलाओं के केवल फार्म भरे जा रहे हैं। पंजाब में अकाली दल की सरकार आने के बाद महिलाओं को पहले दिन से ही सम्मान भत्ता दिया जाएगा। आम आदमी पार्टी सरकार की नियत व नीति में भारी खोट है। खन्ना ने कहा कि पंजाब की महिलाएं सरकार के झूठे वादों का हिसाब चुनाव में करने के लिए तैयार हैं।