नई दिल्ली, अप्रैल 1 :- 1984 में कांग्रेस की अत्याचारी सरकार में हुए भयावह सिख नरसंहार में पीड़ितों के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रसिद्ध सामाजिक, मानवाधिकार एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता तथा पंजाब के पूर्व नेता प्रतिपक्ष पद्मश्री सरदार एच. एस. फूलका आज अपने समर्थकों के साथ नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में भाजपा परिवार में विधिवत शामिल हुए। इस अवसर पर मंच पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं लोक सभा सांसद अनिल बलूनी एवं भाजपा प्रवक्ता सरदार आर. पी. सिंह उपस्थित थे। हरदीप सिंह पुरी ने फूलका को भाजपा परिवार की सदस्यता पर्ची देकर एवं भाजपा की पट्टिका पहना कर उनका विधिवत भाजपा परिवार में स्वागत किया।
इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि पद्मश्री से सम्मानित सरदार हरविंदर सिंह फूलका का आज हम सब भाजपा परिवार में स्वागत कर रहे हैं। फूलका लंबे समय से मानवाधिकार से जुड़े मामलों में पीड़ितों का पक्ष रखते आये हैं। जब 1984 में गांधी-नेहरू परिवार के इशारों पर देश के 52 शहरों को श्मशान बना दिया गया था और दिल्ली सहित कई इलाकों में सिखों का नरसंहार किया गया, सिखों का कत्लेआम हुआ, उस समय केवल भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी थे जिसने सड़क से लेकर संसद तक, इस जघन्य हत्याकांड के खिलाफ़ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी और स्वर्गीय मदन लाल खुराना जी के नेतृत्व में आवाज उठाई। उस समय सरदार फूलका जी आगे आए और 1984 सिख नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष शुरू किया। इस दौरान उन्होंने 70 से अधिक मामलों में कुल 250 से अधिक अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1993 में जब दिल्ली में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदन लाल खुराना ने सरदार फूलका को अपना सलाहकार नियुक्त किया था, जिसके बाद सिख हिंसा मामले में न्याय की प्रक्रिया को गति मिली। इसी दौर में दिल्ली में पंजाबी भाषा को मान्यता मिली और पंजाबी समाज से जुड़े कई मुद्दों का समाधान हुआ। सरदार फूलका जी का अनुभव और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और न्याय के इस अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरदार फूलका, केवल भारत के सिख समाज में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक परिचित नाम हैं। 1984 में जो घटनाएं हुईं, उन्हें दंगे कहना उचित नहीं है। वह एक नरसंहार था, वह एकतरफा और योजनाबद्ध तरीके से निर्दोष लोगों की हत्या थी, जिसमें हजारों निर्दोषों की जान गई। यह हमारे सिख समुदाय के लोगों के साथ हुआ एक ऐसा अत्याचार था, जिसके लिए अब तक कांग्रेस द्वारा उचित रूप से माफी तक नहीं मांगी गई है। अभी हाल ही में लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष और कंग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा एक सिख सांसद को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया गया जो उस व्यक्ति की मानसिकता को दर्शाता है। सरदार फूलका जी एवं उनकी पत्नी तो सिख नरसंहार में बच गए, लेकिन उनके अपने परिवार सहित कई लोगों ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अपनों को खोया है। सरदार फूलका जी ने स्वयं को एक उद्देश्य के साथ जोड़ा और बिना किसी स्वार्थ के उन पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए अनेक लड़ाइयां लड़ी हैं। सरकार फूलका एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं और साथ ही उन्होंने एक बाल अधिकार कार्यकर्ता के रूप में भी कई बड़े काम किये हैं। उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।