मोहाली, 14 मार्च 2026 पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के बकाये और महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें 6 प्रतिशत ब्याज सहित देने के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों की बड़ी जीत बताया। सिद्धू ने आज यहां प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि अदालत ने रोज़-रोज़ खजाना भरा होने की बात कहने वाली भगवंत मान सरकार को आईना दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत की यह टिप्पणी बेहद गंभीर है कि *“वित्तीय संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों के अधिकारों को कुचलना सरकार की घोर गैर-जिम्मेदारी, लापरवाही और कठोरता है।”*
उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद दुखद है कि लगभग 35,000 कर्मचारी और पेंशनर अपने हक की कमाई की किस्तों का इंतजार करते-करते इस दुनिया से चले गए। यह आंकड़ा सरकार की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।
“खजाना भरा होने की रट लगाने वाली मान सरकार को हाई कोर्ट ने दिखाया आईना”
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने पंजाब की किसी भी सरकार के प्रशासनिक ढांचे में कर्मचारियों की अहम भूमिका की सराहना करते हुए कहा, *“कर्मचारी राज्य की रीढ़ की हड्डी होते हैं। चाहे स्वास्थ्य विभाग हो, शिक्षा हो या कोई अन्य प्रशासनिक इकाई, इन कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत से ही राज्य चलता है। हर सरकार का यह कर्तव्य है कि वह उनके अधिकार समय पर दे, न कि उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करे।”*