चंडीगढ़, 12 मार्च, पंजाब विधानसभा ने आज बड़े बहुमत से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैैहरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (ब्रीच ऑफ प्रिविलेज) का मामला प्रिविलेज कमेटी को सौंपने के लिए प्रस्ताव पारित किया। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में विधायक के हालिया अपमानजनक बयानों और गैर-संसदीय व्यवहार का उल्लेख किया गया है, जिसे सदन ने अपने निर्वाचित सदस्यों, संविधान और जनता का सीधा अपमान माना। प्रस्ताव की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग विधायक सुखपाल सिंह खैैहरा द्वारा 10 मार्च 2026 को की गई सोशल मीडिया पोस्टों से उठी है। इन सार्वजनिक बयानों में उन्होंने स्पीकर, कैबिनेट मंत्रियों और आम आदमी पार्टी के विधायकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहा था।”
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैैहरा ने अपमानजनक टिप्पणियां करने के बाद सदन में माफी मांगने से किया इनकार: हरपाल सिंह चीमा सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ विधायक ड्रामेबाज़ी और भद्दी शब्दावली का कर रहे हैं इस्तेमाल: हरपाल सिंह चीमा पंजाब विधानसभा ने विधायक सुखपाल सिंह खैैहरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला प्रिविलेज कमेटी को सौंपने का प्रस्ताव पारित किया
सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा, “ऐसी शब्दावली संवैधानिक रूप से चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाती है और लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का अपमान करती है। यह मामला 11 मार्च 2026 को और गंभीर हो गया जब विधायक सुखपाल सिंह खैैहरा को सदन में अपने बयानों पर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने शब्द वापस लेने से साफ इनकार कर दिया।” प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि 11 मार्च को विपक्ष के वॉकआउट के दौरान सदन से बाहर जाते समय सुखपाल सिंह खैैहरा द्वारा किए गए बेहद आपत्तिजनक इशारों की कड़ी निंदा की गई।