चंडीगढ़, 9 मार्च: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब विधानसभा में पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी निर्णय लेकर आया है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पेश किया गया यह बजट पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात है, जो उनके सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती ही उनकी वास्तविक स्वतंत्रता और सामाजिक सम्मान की मजबूत नींव है।
*‘मुख्यमंत्री माएँ-धियाँ सत्कार योजना’ से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सम्मान और नई उम्मीद* *जन-केंद्रित बजट में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को दी गई प्राथमिकता*
मंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती ने इतिहास के कई कठिन और पीड़ादायक दौर देखे हैं—चाहे वह विदेशी आक्रमणों का समय रहा हो, देश के विभाजन का दर्द, आतंकवाद का दौर या नशे की मार—हर समय सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं ने ही झेली है। उन्होंने कहा कि भले ही इतिहास की किताबों में यह दर्द कम दर्ज हुआ हो, लेकिन पंजाब की बेटियों की पीड़ाएँ आज भी लोकगीतों और साहित्य में स्पष्ट रूप से झलकती हैं। उन्होंने पंजाब की प्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से पंजाब की बेटियों के दर्द और साहस को दुनिया के सामने रखा।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सदियों से महिलाओं ने अपने सपनों का त्याग कर परिवार और समाज की नींव को मजबूत किया है। आज भी कई गृहिणियाँ छोटी-छोटी बचतों के जरिए घरों को संभालती हैं और परिवारों को मजबूत बनाती हैं, लेकिन उनके इस अमूल्य योगदान को अक्सर उचित सम्मान नहीं मिल पाता।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री स.हरपाल सिंह चीमा द्वारा शुरू की गई “मुख्यमंत्री माएँ-धियाँ सत्कार योजना” केवल एक योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान को बहाल करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला भी समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे “मेरी रसोई योजना” के माध्यम से लगभग 40 लाख परिवारों को भोजन सुरक्षा मिल रही है, जिससे गरीब और मजदूर परिवारों को बड़ा सहारा मिला है।