चंडीगढ़, 2 मार्च: अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे टकराव के मद्देनज़र पंजाब सरकार ने मध्य एशियाई देशों और मध्य पूर्व में फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए समर्पित 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इस संबंध में पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ.रवजोत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार समूची स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है तथा प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी तत्काल सहयोग की अपील की है ताकि प्रभावित व्यक्तियों की शीघ्र वापसी संभव हो सके। पंजाब भवन में आज यह घोषणा करते हुए पंजाब के एन. आर. आई. मामलों के मंत्री डॉ.रवजोत सिंह ने कहा, “राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों से प्राप्त कॉल्स पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।” उन्होंने भरोसा दिलाया, “हमें मध्य एशिया से लगातार फोन कॉल प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें अधिकांश पंजाबी पर्यटक शामिल हैं। पंजाब सरकार विदेशों में फंसे हर पंजाबी के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षित निकासी तथा घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”
0172-2260042, 2260042 (विदेशी नागरिकों के लिए) और 1100 (भारतीय नागरिकों के लिए) हेल्पलाइन दिन-रात रहेंगी सक्रिय प्रत्येक पंजाबी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: डॉ. रवजोत सिंह एडीजीपी आर.के. जायसवाल की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित
सहायता व्यवस्था की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि तत्काल सहायता एवं समन्वय के लिए 0172-2260042, 0172-2260042 (विदेशी नागरिकों के लिए) और 1100 (भारत के निवासियों के लिए) हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। ये हेल्पलाइन 24 घंटे कार्यरत रहेंगी और मार्गदर्शन प्रदान करने, जानकारी एकत्र करने तथा निकासी एवं राहत कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगी। उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में एडीजीपी एनआरआई विंग आर .के . जायसवाल की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो स्थिति की निगरानी और समन्वय का कार्य करेगी।
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार फंसे हुए व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी के लिए केंद्र सरकार के साथ शीघ्र बैठक करने की इच्छुक है। हमारा विश्वास है कि आपसी सहयोग से राहत उपायों को तेज किया जा सकता है और संकट में फंसे अपने लोगों को समय पर सहायता दी जा सकती है।” प्रशासनिक तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि एनआरआई मामलों का विभाग, गृह विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रभावित व्यक्तियों का डेटा सक्रिय रूप से एकत्र कर रहा है और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आपात योजनाओं पर कार्य कर रहा है।