एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। पिछली सरकारों ने ड्रग व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे भेजकर नशे के कारोबार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है।”
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के तहत 2025 में 36,178 एफआईआर दर्ज, सजा दर 88 प्रतिशत तक पहुंची: मुख्यमंत्री नशों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को जनता के सहयोग से जन आंदोलन में बदला गया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान युवाओं को नशों के खतरे से बचाने के लिए पंजाब सरकार की लड़ाई लगातार जारी रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
इस मुहिम के प्रभाव और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस मुहिम को आम लोगों के सक्रिय सहयोग से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई। इस मुहिम के अंतर्गत की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए।