चंडीगढ़, 1 मार्च: नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित “डिजिटल एक्सीलेंस” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
• तकनीक आधारित प्रशासन हमारी प्रमुख प्राथमिकता: अमन अरोड़ा • डायरेक्टर विशेष सारंगल ने हैदराबाद में आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान पुरस्कार प्राप्त किया
इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
• पंजाब सरकार जन सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है पंजाब सरकार: अमन अरोड़ा
उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवंत मान सरकार आपके द्वार” योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है।
पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।