चंडीगढ़ | पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब पुलिस द्वारा किसान नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "सरकार की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है।"
किसानों के पक्ष में बोलते हुए सिद्धू ने कहा, ‘‘किसानों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन या धरने पर बैठने का पूरा अधिकार है और सरकार किसान नेताओं को गिरफ्तार करके उनसे यह अधिकार छीन रही है।’’ उन्होंने आगे कहा कि भगवंत मान सरकार ने भी केंद्र की मोदी सरकार की तरह ये गिरफ्तारियां करके किसानों के साथ अनावश्यक रूप से टकराव शुरू कर दिया है, जिसका खामियाजा सभी पंजाबियों को भुगतना पड़ सकता है ।
कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा कल बैठक के लिए आमंत्रित किसान नेताओं का अपमान करने की निंदा की और कहा कि इस कार्रवाई में मुख्यमंत्री का अहंकार स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने आगे कहा, "मैंने अक्सर संगठनों के नेताओं को बैठकों से बाहर निकलते देखा है, लेकिन यह पहली बार है जब मैंने मुख्यमंत्री को बाहर निकलते देखा है।"
सिद्धू ने मान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ने भी इस बैठक से चिढ़कर बदले की भावना से किसान नेताओं की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा कि भगवंत मान को समझना चाहिए कि इन गिरफ्तारियों से किसानों का आंदोलन नहीं रुकेगा।
'मैं भगवंत मान द्वारा माफी मांगने के बजाय किसान नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं' - बलबीर सिंह सिद्धू
सिद्धू ने मांग की कि गिरफ्तार किसान नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए ताकि वे कल से चंडीगढ़ में होने वाले सप्ताह भर के विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने यूनियन कार्यकर्ताओं को नियंत्रित रख सकें। इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि सरकार द्वारा की जा रही फर्जी गिरफ्तारियों के कारण प्रदर्शनकारी किसान कहीं न कहीं प्रशासन से टकराव की स्थिति में आ सकते हैं और ऐसी स्थिति में किसानों को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।