श्री मुक्तसर साहिब | शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज पंजाब के लोगों से शिरोमणी अकाली दल के साथ दोबारा जुड़ने की अपील की है। उन्होने संकल्प लिया कि वह पंथ के साथ-साथ पंजाब की शांति और प्रगति के लिए अपना जीवन बलिदान करने के लिए तैयार हैं।
यहां माघी मेले में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सरदार बादल ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए लोगों से अकाली दल में विश्वास जताने का आग्रह किया, जिस तरह से ऐतिहासिक स्थल पर 40 मुक्तों का किया गया था। उन्होने कहा,‘‘ आज समय की मांग है कि हम अपनी ‘‘कौम’’ को मजबूत करें और यह काम सिर्फ और सिर्फ अकाली दल ही कर सकता ह ।मैं आपसे वादा करता हूं कि सरदार परकाश सिंह बादल की तरह मैं भी लोगों की भलाई के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव काम करूंगा। अगर मुझे पंजाब, पंजाबियत और खालसा पंथ की खातिर खुद का बलिदान भी देना पड़े तो मैं जरूर दूंगा।’’
माघी मेले में लोगों से अकाली दल के साथ फिर से जुड़ने की जोरदार अपील की, कहा कि पार्टी के साथ मिलकर कौम को मजबूत किया जा सकता है
सरदार बादल ने एक बेहद भावुक भाषण में पंथ और पंजाब को साम्प्रदायिक बंटवारे और पंजाबी नौजवानों के खून-खराबे की राजनीति के खिलाफ आग्रह किया और कहा कि वे महान गुरुओं, संतों द्वारा दिखाए गए शांति और साम्प्रदायिक सदभाव के मार्ग से कभी पीछे नही हटेंगें। उन्होने कहा कि उन्होने पार्टी की ओर से पूरी जिम्मेदारी ली हे ताकि राज्य के लोग हमारे नौजवानों के लिए आशा, शांति और समृद्धि के भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। उन्होने कहा,‘‘ कुछ तथाकथित पंथक संगठनों द्वारा पेश किया जा रहा वैकल्पिक एजेंड, राज्य, विशेष रूप से भाईचारे के खून-खराबे के जबड़े में धकेलना और फर्जी मुठभेड़ों में सिख नौजवानों का सफाया करना शामिल है।’’ उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि आज अपनी राजनीतिक दुकान खोलने वाले एक गुट के नेता ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन उनके अपने परिवार का ही सदस्य नशे के साथ पकड़ा गया। उन्होने कहा,‘‘ वे हत्याओं में भी शामिल हैं। वे नौजवानों को भड़काना चाहते हैं और अपने निजी हितों को पूरा करने के लिए परेशानी पैदा करना चाहते हैं। उन्होने कहा हम अपनी भावी पीढ़ी को बचाना चाहते हैं, और उसे खतरे में नही डालना चाहते।’’
सरदार बादल ने भावुक होकर बोलते हुए लोगोंसे अपील की कि अगर उनके पिता ने कोई गलती की है तो वह उसे भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। यह कहते हुए कि वह अपने परिवार से बात कर रहे हैं, न कि दर्शकों से। उन्होने कहा कि सरदार परकाश सिंह बादल और उनके निधन के बाद उनके खिलाफ एक संगठित हमला किया गया जिसका स्पष्ट मकसद- अकाली दल और बादल परिवार को खत्म करना था।’’
सरदार सुखबीर सिंह बादल ने लोगों से यह बताने को कहा कि क्या 70 साल उनकी सेवा करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कोई पाप किया है। उन्होने कहा कि सरदार परकाश सिंह बादल ने केवल एक पाप किया है, वह है राज्य के लोगों के लिए 18 साल के लिए जेल जाने के अलावा घृणित इमरजेंसी के खिलाफ विरोध करना और पंजाबी राज्य के निर्माण के लिए लड़ाई लड़ना। अपने परिवार के सदस्यों को सच्चा सिख बताते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ हमारे सभी घरों में गुरु महाराज जी का प्रकाश है और यहां तक कि हमारे बच्चे भी घर से निकलने से पहले अरदास करके बाहर जाते हैं।’’
सरदार बादल ने विचारों को जगाने वाले भाषण में बताया कि कैसे उन्होने विद्रोही अकाली ग्रुप द्वारा उनके खिलाफ कथित गलत कामों की जिम्मेदारी लेने का फैसला किया, भले की उनके पास हर बात का जवाब था। उन्होने कहा,‘‘मेरी सोच यह थी कि अगर पंथ विरोधी ताकतों द्वारा अकाली दल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर लगाम लग सकती है तो ऐसा ही सही है, लेकिन ये ताकतें इस समर्पण से भी खुश नही थी, क्योंकि उनका अगला टारगेट मुझे मारना था जोकि मैं सर्वशक्तिमान वाहेगुरु की कृपा से बच गया।’’
इस विशाल सम्मेल में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से विनम्र अपील की गई कि वे सरदार परकाश सिंह बादल को दी गई फख्र-ए-कौम की उपाधि वापिस लेने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। वरिष्ठ नेता हीरा सिंह गाबड़िया ने यह प्रस्ताव पेश किया जिसे सभी ने दिल से स्वीकार किया। वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा सरदार सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर श्री अकाल तख्त द्वारा लिए गए फैसलों पर राजनीति करने करने की निंदा की गई। उन्होने कहा कि यह अकाल तख्त के उस निर्देश के खिलाफ है जिसमें तख्त के किसी भी दस्तावेज का अदालत कें इस्तेमाल नही करने को कहा गया है।
इस अवसर पर अकाली दल के कार्यकारी अध्यक्ष सरदार बलविंदर सिंह भूंदड़ ने लोगों से झूठे वादों के साथ गुमराह करने वाली कांग्रेस के खिलाफ और आम आदमी पार्टी जिसने सुल्तानपुर लोधी में गुरुद्वारा अकाल बुंगा साहिब पर हमला करने वाली पार्टी के खिलाफ लड़ने की अपील की है। वरिष्ठ अकाली नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने खुलासा किया कि अकाली दल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सभी निर्देशों का पालन किया है। उन्होने कहा कि पार्टी ने अकाल तख्त के जत्थेदार को यह भी बताया था कि वह तख्त के सभी निर्देशों का पालन करना जारी रखेगी और यहां तकि कि उसने जत्थेदार को अकाली दल की मान्यता रदद करने की साजिशों से भी अवगत कराया था। वरिष्ठ नेता एन के शर्मा ने बताया कि कैसे उपमुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल के विजन ने सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान दिया और कैसे पूर्व उपमुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल के विजन के अनुसार अन्य बुनियादी ढ़ांचे के अलावा विश्व स्तरीय सड़कों और हवाई अडडों का निर्माण किया था।
इस अवसर पर स्त्री अकाली दल की प्रधान हरगोबिंद कौर, यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर और वरिष्ठ नेता कंवरजीत सिंह बरकंदी, परमबंस सिंह बंटी रोमाणा, मनजिंदर सिंह बिटटू, प्रीतइंदर सिंह सम्मेवाली, तेजिंदर सिंह मिडडूखेड़ा ने भी सभा को संबोधित किया।