चंडीगढ़। पंजाब के खनोरी व शंभू में चल रहे किसान मोर्चे के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चे समेत कई किसान संगठन आ गए हैं। सोमवार को पटियाला के पातड़ा में करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद किसानों ने एक मंच पर आकर केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई लडऩे का ऐलान किया।
शंभू और खनोरी बॉर्डर पर पिछले 11 महीने से किसानों का आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन में एक तरफ जगजीत सिंह डल्लेवाल तो दूसरी तरफ सरवण सिंह पंधेर अगुवाई कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से किसानों के एक मंच पर आने को लेकर अटकलें चल रही थी। खनोरी मार्चे की मांग पर सोमवार को पटियाला के पातड़ा में चली बैठक में किसानों के सभी संगठन एकजुट होकर लड़ाई लडऩे को राजी हो गए।
बैठक के बाद सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि मीटिंग में तय हुआ है कि 18 जनवरी को दोबारा से मीटिंग की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही मीटिंग में चर्चा हुई है कि इस आंदोलन को आगे कैसे लेकर जाना चाहिए और कैसे सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि आज हम तीन फोरमों के नेता एक मंच पर हैं। यह बड़ी पॉजिटिव चीज है। इसके साथ ही किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि कोई साथी एक दूसरे बयानबाजी नहीं करेगा।
अब केंद्र सरकार को घेरने के लिए जारी होगा साझा कार्यक्रम , सभी संगठनों की 18 जनवरी को होगी बैठक
फसलों पर एमएसपी की गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आमरण अनशन पर बैठे सोमवार को 49 दिन हो गए हैं। बैठक के बाद भाकियू (उगराहां) के जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि बैठक अच्छे माहौल में हुई हे। मोर्चा भी यह सोचता है कि सभी दलों को एकजुट होना होगा। जनता के सहयोग के बिना मोर्चा फतेह नहीं किया जा सकता। आज फिर यह फैसला हुआ है कि कोई भी एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेगा। हमारा दुश्मन भी सांझा है और संघर्ष भी सांझा है। 18 जनवरी को भी इसी जगह पर मीटिंग होगी।
भाकियू (क्रांतिकारी) नेता सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि तालमेल ग्रुप बनाने पर फैसला हुआ है। इस पर 18 जनवरी को होने वाली मीटिंग में मोहर लगेगी। इसके बाद 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इस बीच किसानों के एक मंच पर आने के बाद पंजाब सरकार की ओर से धरनास्थल के पास ही एक अस्थायी अस्पताल और एंबुलेंस तैनात कर दी गई है,ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, डल्लेवाल मेडिकल सुविधा नहीं ले रहे हैं। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है।