अमृतसर | शिरोमणी अकाली दल ने आज अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को एक ज्ञापन सौंपकर उन्हे पार्टी के संगठनात्मक चुनाव कराने के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनाने के निर्देश को लागू करने में पार्टी के सामने आ रही कानूनी बाधाओं से अवगत कराया है तथा साथ ही तख्त प्रमुख को बताया कि पार्टी की कार्यकारिणी कमेटी के आगामी संगठनात्मक चुनावों के लिए सदस्यता अभियान के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए शीघ्र ही पार्टी मीटिंग करेगी।
इस बारे में अन्य जानकारी देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जत्थेदार को बताया कि अकाली दल ने हमेशा ही सर्वोच्च पवित्र स्थान के सभी निर्देशों को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार किया है। उन्होने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं ने अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई धार्मिक सजा भुगत ली है और अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
डाॅ. चीमा ने कहा कि हालांकि तख्त के निर्देशानुसार सात मैंबरीय कमेटी के गठन में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होने कहा कि तख्त को पहले ही इन मुददों के बारे में बताया जा चुका है। लेकिन पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जत्थेदार साहिब को पूरा मामला विस्तार से समझाने के लिए समय लिया है। उन्होने कहा,‘‘ इस संबंध में सभी संवैधानिक संशोधन , सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और चुनाव आयोग के दिशा- निर्देश तख्त को सौंपे गए हैं।’’
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अकाली नेता ने उन ताकतों की भी निंदा की जो लोगों को गुमराह कर रही हैं कि पार्टी के संगठनात्मक चुनावों की निगरानी के लिए कमेटी के गठन के निर्देश को लागू करने में कोई बाधा नही है। उन्होने कहा,‘‘ ऐसी ताकतें अब अपनी खुद की पार्टियों के पंजीकरण की प्रक्रिया में हैं। मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं कि वे अपने आवेदन सार्वजनिक करें ताकि लोग समझ सकें कि वे जो बोलते हैं उससे वे लोग कितने अलग हैं।’’
डाॅ. चीमा ने कहा कि नई पार्टियों के पंजीकरण के लिए प्रोफार्मा के अनुसार, यह अनिवार्य किया गया था कि पार्टी के नाम में कोई धार्मिक यां जातिगत रंग नही होगा और इसका उददेश्य देश के संविधान के अनुरूप होगा। उन्होने कहा,‘‘ यह भी अनिवार्य है कि पार्टियों के सभी निर्णय लोकतांत्रित भावना को प्रतिबिंबित करेंगें और समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता पार्टी के सिद्धांतों के रूप में काम करेंगें। यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी निर्णय लोकतांत्रिक तरीके से लिए जाएंगें और कोई वीटो पावर नही होगी।’’
इस अवसर पर अकाली दल ने गुलजार सिंह रणीके, हीरा सिंह गाबड़िया, परमजीत सिंह सरना, राम सिंह , कुलवंत सिंह मान, सुरजीत सिंह कधोनवाल और अर्शदीप सिंह कलेर सहित पार्टी प्रतिनिधिमंडल को धैर्यपूर्वक सुनने का अवसर देने के लिए ज्ञानी रघबीर सिंह का आभार व्यक्त किया।