चंडीगढ़ | शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि देश में गहराते कृषि संकट के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार समान रूप से जिम्मेदार है। पार्टी ने दोनों सरकारों से किसानों के साथ जुड़ने और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की कीमती जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश करने की अपील की है।
यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट किसान नेता के आमरण अनशन की रोजाना निगरानी कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार और पंजाब की राज्य सरकार दोनों ही इस संवेदनशील मुददे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलकर राजनीति करने में लगी हुई हैं। उन्होने कहा,‘‘ पूरे मुददे का ध्रुवीकरण करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो निंदनीय है व पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
डाॅ. चीमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे ऐसा माहौल बनाएं जिससे कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन खत्म हो सके। उन्होने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी तुरंत अधिसूचित करनी चाहिए। यह देश के लोगों को दिए गए आश्वासन के अनुरूप होगा कि प्रधानमंत्री ने तीनों खेती कानूनों को वापिस ले लिया जिसके कारण ही किसान आंदोलन सामप्त हो गया था। उन्होने कहा कि इसके अलावा केंद्र सरकार को कृषि नीति का मसौदा भी वापिस लेना चाहिए क्योंकि किसानों को लगता है कि तीनों खेती कानूनों में शामिल क्लाॅज को परोक्ष रूप से नीति में शामिल किया जा रहा है। उन्होने कहा ‘‘ एक बार जब यह पाॅलिसी वापिस ले ली जाती है तो कृषि पर भविष्य की सभी नीतियों को तैयार करने के लिए सभी हितधारकों के साथ खुले दिल से बातचीत शुरू की जा सकती है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को अधिसूचित करने और कृषि नीति के मसौदे को वापिस लेने की मांग की: शिरोमणी अकाली दल
यह कहते हुए कि इन कदमों से मौजूदा किसान आंदोलन को बढ़ावा देने वाले कारकों को दूर करने में काफी मदद मिलेगी। डाॅ. चीमा ने वर्तमान संकट को दूर करने के लिए आवश्यक जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की है। उन्होने कहा,‘‘ अभी भी बहुत देर नही हुई है। मुख्यमंत्री को तत्काल प्रधानमंत्री से संपर्क करना चाहिए और अनशन कर रहे किसान नेता की जान बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाना चाहिए, क्योंकि श्री डल्लेवाल की सेहत बेहद खराब है। श्री भगवंत मान को केंद्र सरकार पर दबाव डालना चाहिए एवं पंजाब के किसानों की नाराजगी को कम किया जाना चाहिए नही तो ऐसा नही करने से सीमावर्ती राज्य के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी।
वरिष्ठ अकाली नेता ने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों से अपील की है कि अगर अनशन कर रहे किसान नेता की तबीयत खराब होने की स्थिति में अपनी जान बचाने के लिए कानूनी औपचारिकताओं में शामिल न हों। उन्होने कहा,‘‘ स्थिति बेहद चिंताजनक हे और श्री डल्लेवाल की जान बचाने और किसान समुदाय के साथ संबंधों को सुधारने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए जाने चाहिए नही तो अनशन कर रहे किसान नेता को कोई नुकसान होने की स्थिति में अपूरणीय क्षति होगी।