चंडीगढ़,16 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पंजाब पुलिस प्रदेश में सक्रिय गैंगस्टरों के विदेशी कनेक्शन खंगालने में जुटी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पीठ थपथपाने से उत्साहित पुलिस ने गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खात्मे की फूलप्रूफ प्लान तैयार किया है। इसी कड़ी में गैंगस्टर्स और प्रदेश में धार्मिक नेताओं की हत्या के आरोपियों को विदेशों से फंड उपलब्ध करवाने की जांच नए सिरे से शुरू की गई है।
प्रदेश में बीते दो सालों में सात धार्मिक नेताओं खास तौर पर हिंदू नेताओं की हत्याओं के मामले का खुलासा के बाद पंजाब पुलिस के हाथ काफी सुराग लगे हैं। पुलिस की नजरें अब गैंगस्टरों को फंडिंग करने वालों पर लगी हैं। आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा, रविंदर गोसाईं, पास्टर सुल्तान मसीह व दुर्गा दास सहित तीन अन्य हत्याओं के लिए गैंगस्टरों को विदेशों से फंड उपलब्ध करवाया गया था। गगनेजा की हत्या के आरोपी शूटर हरदीप शेरा को हर वारदात के बाद विदेश से फंड उपलब्ध करवाया जाता था। साथ ही उसे हर महीने अलग से राशि जारी की जाती थी।
पुलिस को रमनदीप, हरदीप शेरा, जिम्मी जट और जगतार सिंह जोहल से पूछताछ में काफी अहम सुराग मिले हैं। कनाडा, इटली व जर्मनी सहित अन्य देशों से कट्टरपंथी फंड एकत्र कर पंजाब भेजते थे। इसका पता चलने के बाद पुलिस हेडक्वार्टर ने सभी प्रमुख गैंगस्टरों और जेलों में बंद बड़े अपराधियों के बैंक अकाउंट की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही इनके घरों को या रिश्तेदारों को भी विदेशों से आने वाले धन की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस काम में कुछ हवाला कारोबारियों की मदद भी ली जा रही है।
गैंगस्टरों के लिए विदेशों से आने वाले फंड को लेकर पुलिस की नजरें कई हवाला कारोबारियों पर भी टिकी है। पुलिस ने ऐसे हवाला कारोबारियों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है जो कट्टरपंथियों की ओर से विदेशों से भेजी राशि को गैंगस्टरों तक पहुंचा रहे हैं। इनमें दोआबा के सात हवाला कारोबारी शामिल हैं। साथ ही विदेशों से राशि ट्रांसफर करने वाली कंपनियों के खाते भी पुलिस खंगालने की तैयारी कर चुकी है। पंजाब में आम तौर पर एनआरआइ विदेशों से पैसे भेजने के लिए मनी ट्रांसफर कंपनियों व हवाला कारोबारियों का सहारा लेते हैं।
विदेशी कनेक्शन खत्म करना है : डीजीपी
डीजीपी सुरेश अरोड़ा कहते हैं कि गैंगस्टरों को कई मामलों में इस्तेमाल करने के लिए विदेशों में बैठे कट्टरपंथियों की ओर से फंड उपलब्ध करवाया जा रहा है। आइएसआइ जैसी संस्थाएं भी इसका लाभ ले रही हैं। आतंकवाद के दौर में सक्रिय कुछ आतंकी आज भी आइएसआइ के संपर्क में हैं। उनके साथ कई कट्टरपंथी भी इस रैकेट से जुड़ गए हैं। ये सभी मिलकर पंजाब में अशांति फैलाने के लिए गैंगस्टरों का सहारा लेते हैं। पुलिस इस पूरे रैकेट को खत्म करके रहेगी।