लुधियाना,12 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई)के रीजनल डायरेक्टर डॉ जोसफ ने बीसीएम आर्या मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्कूल प्रिंसिपलों की क्लास लगाई। जोसफ ने प्रिंसिपलों को साफ हिदायतें दीं कि जो सीबीएसई को सहयोग नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित प्रिंसिपलों से साफ कह दिया कि जिसने भी अपने टीचरों को पेपर चेकिंग के लिए भेजने से मना किया उस स्कूल का रिजल्ट ही रोक दिया जाएगा, ताकि स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधकों को बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी का अहसास हो सके।
उन्होंने कहा कि अक्सर जब 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं होती हैं और बोर्ड मूल्यांकन के लिए टीचरों की ड्यूटी लगाता है तो स्कूल प्रिंसिपल अपने टीचरों को नहीं भेजते। जिसकी वजह से मूल्यांकन में देरी होती है और कई बार इसी वजह से रिजल्ट भी लेट हा जाता है। उन्होंने बोर्ड ने अब इस सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रिंसिपलों से कहा है कि वह सहयोग करें ताकि समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की सके। किसी भी बच्चे को इंटर सिटी स्कूल बदलने न दें। उन्होंने साफ कर दिया कि बिना किसी ठोस वजह से किसी दूसरे स्कूल के विद्यार्थी का दाखिला न करें। उससे सीबीएसई को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बैठक में 100 से अधिक स्कूलों के प्रिंसिपलों ने हिस्सा लिया। मेजबान स्कूल की प्रिंसिपल परमजीत कौर ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर प्रिंसिपल जसविंदर कौर, प्रिंसिपल हरमीत कौर , बलदीप पंधेर, डीपी गुलेरिया व अन्य मौजूद रहे।
रजिस्ट्रेशन के बाद न करवाएं बदलाव
डॉ जोसफ ने प्रिंसिपलों से कहा कि बच्चे के रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव करना है तो उसे 9वीं कक्षा का रजिस्ट्रेशन भरने से पहले कर दें। उसके बाद कोई बदलाव सामान्य परिस्थितियों में नहीं किया जाएगा। इस तरह की गलतियों से सीबीएसई पर काम का बोझ बढ़ रहा है।
पंजाब बोर्ड के बच्चों को 10वीं व12 वीं में नहीं मिलेगा दाखिला
सीबीएसई के रीजनल डायरेक्टर डॉ जोसफ ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा में किसी भी स्टेट बोर्ड के विद्यार्थी का दाखिला न करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से नौवीं पास विद्यार्थी को 10वीं और 11वीं पास को 12वीं में दाखिला न दें।
20 फीसदी लगेंगे सीसीई के अंक
सीबीएसई ने अब 10वीं कक्षा में बोर्ड परीक्षाएं अनिवार्य कर दी हैं। जबकि पिछले साल तक बोर्ड परीक्षा देना विद्यार्थी की मर्जी पर निर्भर होता था। डॉ जोसफ ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम खत्म होने से यह नहीं कि कंटीनुयस एंड कांप्रिहेसिंव इवैल्यूवेशन (सीसीई) सिस्टम खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि अभी भी 20 फीसदी अंक हर विषय में इंटरनल असेसमेंट के हैं। जो सीधे तौर पर स्कूल ने देने हैं।