चंडीगढ़,7 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य में धार्मिक व अन्य संगठनाें के नेताआें की हत्या में पाकिस्तानी खुुफिया एजेंसी आइएसअाइ का हाथ है। पंजाब पुलिस ने हिंदू नेताआें सहित आठ लोगों की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझा ली है। आइएसएस ने यह साजिश पंजाब में अशांति और धार्मिक फसाद कराने की नीयत से रचा।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह खुलासा मंगलवार शाम यहां पत्रकार सम्मेलन में किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पंजाब में हुई हिंदू और अन्य धार्मिक नेताओं की हत्या के आठ मामले सुलझा लिए हैं। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने आइएसअाइ के इशारे पर इन घटनाओं को अंजाम दिया। इससे पंजाब में अशांति अौर धार्मिक वैमनस्य का माहौल पैदा करने की साजिश थी।
उन्होंने बताया कि इनमें शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा और रविंदर गोसाईं, अमित अरोड़ा, दुर्गादास गुप्ता, अमित शर्मा, सतपाल, रमेश कुमार व सुल्तान महीस की हत्या के मामले शामिल हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह कहा कि ये सारी घटनाएं आइएसआइ ने विभिन्न देशों में बैठे अपने एजेंटों के माध्यम से अंजाम दी। उन्होंने कहा कि हत्या की इन घटनाआें में इस्तेमाल हथियाराें और बैलिस्टिक फॉरेंसिक रिपोर्ट अा चुकी है। इसमें पता चला है कि हथियार आइएसआइ द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा बताया कि इन मामलों में जालंधर के जगतार सिंह जौहल, जिम्मी सिंह और नाभा जेल में बंद धर्मेंद्र घुघनी सहित चार गैंगसटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आइएसआइ ने इनको हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराए। डीजीपी ने कहा कि अमृतसर में पिछले दिनों हुई हिंदू नेता विपिन शर्मा की हत्या लेनदेन के कारण हुई थी।
ये हैं पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से दो लंबे समय से इंग्लैंड में रह रहे थे। इनमें जगतार सिंह जौहल और जिम्मी सिंह शामिल हैं। नाभा जेल में बंद धर्मेंद्र घुघनी हथियार पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा।
जिम्मी सिंह मूल रूप से जम्मू निवासी है। वह कई वर्षों से इंग्लैंड में रह रहा था और हाल ही में भारत लौटा था। पुलिस ने उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से एक सप्ताह पहले गिरफ्तार गया था। जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी मूल रूप से जालंधर का रहनेवाला है और अभी इंग्लैंड का निवासी है। वह 2 अक्टूबर को भारत आया था और 17 अक्टूबर को शादी की थी। उसे जालंधर से गिरफ्तार किया गया।
धर्मेंद्र घुघनी गैंगेस्टर है और नाभा जेल में बंद है। यह अपराधियों को हथियार सप्लाई कर रहा था। चौथा अारोपी विभिन्न मामलों में मुख्य शूटर है और उसे मंगलवार दोपहर को पकड़ा गया। पुलिस ने उसकी पहचान के बारे में खुलासा नहीं किया। डीजीपी का कहना है कि उससे अभी पूछताछ की जा रही है और इसके बाद ही उसके बारे में खुलासा किया जाएगा। ।
एन्क्रिप्टेड मोबाइल सॉफ्टवेयर का कर रहे थे प्रयोग
डीजीपी ने बताया कि चार आरोपियों से पूछताछ से पता चला कि वे विदेशों में विभिन्न स्थानों पर मिले और उनको आइएसअाइ द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। पाकिस्तान और कुछ पश्चिमी देशों में स्थित हैंडलर के साथ संवाद के लिए ये एन्क्रिप्टेड मोबाइल सॉफ्टवेयर (ऐप) का उपयोग कर रहे थे।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि हत्याएं पूर्ण रूप से संगठित थी। हमलावर हत्याओं के बाद कोई निशान नहीं छोड़ रहे थे। दुर्गा दास और ब्रिगेडियर जगदीश गंगनेजा (जालंधर) के मामलों में इसी तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जैसा कि लुधियाना में अमित शर्मा मामले में किया गया था।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि फरवरी २०१७ में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी सतपाल कुमार और उनके बेटे, जुलाई 2017 के खन्ना में हुई हत्याओं में उसी प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया गया। लुधियाना में ईसाई पास्टर सुल्तान मसीह की हत्या की गई। पिछले महीने लुधियाना में आरएसएस के नेता रविंदर गोसाईं की हत्या की गई थी। हत्याओं में 9 एमएम, .32 और .30 बोर पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया।
कातिल पकड़ लिए तो अच्छी बात है : आरएसएस
जालंधर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पंजाब के सह प्रांत प्रमुख जगदीश गगनेजा समेत सूबे में हुए आठ मुख्य हत्याओं को हल करने के सीएम व डीजीपी के दावे पर प्रतिक्रिया दी है। संघ के पंजाब प्रधान बृजभूषण सिंह बेदी ने कहा अगर कातिल पकड़ लिए गए हैं तो अच्छी बात है।
उन्हाेंने कहा, मैंने इस बारे में सीएम व डीजीपी की स्टेटमेंट अभी देखी, सुनी नहीं है, फिर भी अगर कातिल पकड़े गए हैं तो अच्छी बात है। इन हत्याओं के पीछे आइएसआइ का हाथ होने के सीएम के बयान पर उन्होंने कहा कि आइएसआइ तो पंजाब में पहले भी आतंकवाद फैलाने के जिम्मेदार रही है। जम्मू-कश्मीर में भी तो वह ऐसा ही कर रही है।