न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपना पद छोड़ने से दो महीने पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए यूक्रेन को रूस के ठिकानों पर हमले करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग करने की मंजूरी दे दी है।
इन मिसाइलों का इस्तेमाल पश्चिमी रूस के कुर्स्क में रूसी और उत्तर कोरियाई हमलों के खिलाफ यूक्रेनी सेना की रक्षा के लिए किया जा सकता है। बाइडेन के इस फैसले की रिपब्लिकन पार्टी ने कड़ी आलोचना की है।
कहा- हार से बौखलाए हैं, इसलिए यूक्रेन को अमेरिकी मिसाइलों से हमले की मंजूरी दी
डोनाल्ड ट्रम्प के सबसे बड़े बेटे ट्रम्प जूनियर ने कहा कि मेरे पिता को शांति स्थापित करने और जीवन बचाने का मौका मिलने से पहले सैन्य औद्योगिक परिसर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि हार से बौखलाए बाइडेन जानबूझकर युद्ध भड़काने में जुटे हैं। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क सहित कई नेताओं ने गुस्सा जताया है।
12 करोड़ की एक मिसाइल है अटैक-देम्स
- अब यूक्रेन आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) का प्रयोग कर सकेगी। इस मिसाइल का शॉर्ट नेम अटैक-देम्स भी है।
- अटैक-देम्स मिसाइल सिस्टम एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। जो 300 किमी तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। हर मिसाइल की कीमत लगभग 12.66 करोड़ रुपए है।
- लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित इन मिसाइलों को या तो ट्रैक्ड एम270 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमएलआरएस) या एम142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (हिमरास) से दागा जाता है।
- अमेरिका ने पहली बार इन मिसाइलों का इस्तेमाल 1991 के खाड़ी युद्ध में इराक में किया था।
रूस की धमकी- ये मिसाइल दागी तो मुंहतोड़ जवाब देंगे
- बाइडेन प्रशासन का कहना है कि उत्तर कोरियाई सैनिकों कुर्स्क में तैनाती के जवाब में यह कदम उठाया गया है। रिपोर्ट है 50 हजार उत्तर कोरियाई तैनात किया जा रहा है। यूक्रेन की स्थिति मजबूत होने से भविष्य में होने वाली किसी भी शांति वार्ता में उसे लाभ मिल सकता है।
- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हथियारों से किए गए किसी भी हमले को रूस युद्ध में नाटो का सीधा दखल मानेंगे। {रूस ने धमकी दी है कि अगर अगर ये मिसाइल दागी तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जरूरत पड़ी तो रूस परमाणु हथियारों का प्रयोग भी करेंगे।