अमृतसर,4 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) हजारों लोगों की खून पसीने की कमाई को रियल अस्टेट में लगाकर करीब चार सौ करोड़ कमी ठगी करने के मामले 11 कॉलोनियां संदेह के घेरे में हैं। आरोप है कि जिन ग्यारह कालोनियों में लोगों से चिटफंड के बहाने पैसे लिए गए थे। वह पैसा उन्हीं की खरीद फरोख्त में लगाया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटा. जज अजीत ¨सह बैंस की अगुवाई में काम कर रहे चीफ इन्वेस्टीगेटर सरबजीत ¨सह वेरका ने दावा किया है कि जिन कालोनियों को पूडा अप्रूव्ड बता कर लोगों को प्लाट बेचे गए थे, वह असल में मान्यता प्राप्त नहीं थी। वेरका ने कहा कि यह सारा गोरखधंधा एक पूर्व मंत्री, उसके खासमखास पार्षद की छत्रछाया में रमेश कुमार और प्रवीन टंडन ने अपने साथियों के साथ किया है। वेरका ने कहा कि पार्षद के खातों में पैसे ट्रांसफर होने के सबूत उनके पास पहुंच चुके हैं।
इन कॉलोनियों पर मांगी रिपोर्ट
मामले की पैरवी कर रहे वकील सरबजीत ¨सह वेरका ने पुडा से नारायणगढ़ स्थित ग्रीन सिटी कॉलोनी, खंडवाला के पास जंडपीर कालोनी, भल्ला कॉलोनी के पास गुरु नानक एवेन्यू, रामतीर्थ रोड पर डीएस अस्टेट, ब्यूटी एवेन्यू, रायल अस्टेट, सात एकड़ में फैली एक अन्य कॉलोनी। इसी तरह से फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित आशियाना अस्टेट, रायल अस्टेट और अनमोल इंक्लेव, तरनतारन रोड पर दारा अस्टेट, तलवाड़ा में रत्न रियल अस्टेट और मजीठा में गालोवाली गांव स्थित एक अन्य कॉलोनी पर आरटीआई के माध्यम से रिपोर्ट मांगी है। वेरका ने आरोप लगाया कि पिछले दस साल में मंत्री और पार्षद की मिलीभगत से उक्त कॉलोनियों में लोगों को धोखे से प्लाट देकर करोड़ों रुपये का गोरखधंधा किया गया। हालाकि प्रशासनिक अधिकारी भी इसे अच्छी तरह से समझ रहे थे, लेकिन कॉलोनाइजर के हाथ सत्ता तक होने के कारण किसी अधिकारी ने उन्हें रोकना उचित नहीं समझा।
क्या है मामला
पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं, लेकिन अकाली दल के पार्षद के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। पहले मामले में प्रवीन टंडन, उसकी पत्नी ज्योति, भाईवाल संदीप सेठ, प्रदीप सेठ और दूसरे मामले में आरोपी प्रवीन टंडन, उसकी पत्नी, बेटे, बहू और का¨रदे हैप्पी पर केस दर्ज हो चुके हैं। गौर रहे प्रवीन टंडन, ज्योति टंडन की जमानत हो चुकी है और रमेश कुमार को पुलिस ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया है।
कई पहलुओं पर चल रही है जांच : थाना प्रभारी
ईओ ¨वग के प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि मामला गंभीर है। कई पहलुओं पर जांच चल रही है। सबूत मिले हैं, आने वाले दिनों में सत्ता में बैठे कुछ लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। फिलहाल वह इस मामले में अभी कुछ नहीं कहेंगे।