चंडीगढ़ | शिरोमणी अकाली दल ने आज पंजाब के गर्वनर गुलाब चंद कटारिया से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन करते हुए सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान की मीटिंगें लेने से रोकने की अपील की है।
यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पहले रिमोट कंट्रोल के जरिए दिल्ली से चलाई जाती थी, लेकिन अब अरविंद कजरीवाल ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की कमान अपने हाथ में ले ली है और भगवंत मान और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को दिल्ली बुला रहे हैं। उन्होने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा , ऐसी हरकतें मुख्यमंत्री द्वारा गोपनियता की आधिकारिक शपथ का भी उल्लंघन है।
इस बारे में अन्य जानकारी देते हुए सरदार मजीठिया ने बताया कि केजरीवाल ने हाल ही में दिल्ली के कपूरथला हाउस में पंजाब के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और आप विधायकों के साथ तीन मीटिंग की थी। उन्होने कहा कि 28 अक्टूबर को केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ डीजीपी जालंधर, अमृतसर और लुधियाना के पुलिस कमिशनरों और तीनों शहरों के आप विधायकों को तलब किया था।
वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि इसी तरह 29 अक्टूबर को केजरीवाल ने दिल्ली के कपूरथला हाउस में दो मीटिंग की थी। उन्होने कहा कि सुबह की पहली शिफ्ट में केजरीवाल ने मुख्यमंत्री, राज्य के डीजीपी के साथ-साथ कपूरथला के डीसी और एसएसपी, फाजिल्का के डीसी और एसएसपी, बठिंडा के डी.सी और एसएसपी और इन हलकों के आप विधायकों के साथ मीटिंगें की। सरदार मजीठिया ने इस मामले में राज्यपाल से राज्य सरकार के किसी भी अधिकारी को केजरीवाल द्वारा दिल्ली में बुलाई गई किसी भी मीटिंग में भाग लेने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।