चंडीगढ़,2 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । भारत व पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के बाद बृहस्पतिवार की सुबह अमृतसर जेल में बंद पाकिस्तानी नागरिक दो महिलाओं तथा उनकी एक बच्ची को रिहा कर दिया गया। जिस बच्ची को आज रिहा किया गया है उसका जन्म अमृतसर की ही जेल में हुआ था। भारत सरकार ने आज ही 18 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा किया है।
करीब 12 साल बाद पाक महिलाओं ने अपने मुलक में कदम रखा है। पाकिस्तान में प्रवेश से पहले पाक महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सलाम किया है। वर्ष 2006 में फातिमा और उसकी बहन मुमताज समझौता एक्सप्रेस से भारत पहुंची थी। कस्टम विभाग ने तलाशी के दौरान अटारी रेलवे स्टेशन पर दोनों के कब्जे से हेरोइन बरामद की थी। दोनों महिलाओं का कहना था कि उन्हें किसी ने यह सामान भारत पहुंचाने के लिए दिया था, जबकि उन्हें पता नहीं था कि सामान में हेरोइन छिपाकर रखी हुई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों महिलाओं दस-दस साल कैद और चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस बीच फातिमा ने जेल में एक बच्ची (हिना) को जन्म दिया। सजा पूरी करने के बाद भी तीनों की रिहाई नहीं हो पा रही थी। क्योंकि अदालत ने सजा के साथ आर्थिक दंड की सजा भी सुनाई थी। हालांकि अमृतसर की महिला वकील नवजोत कौर चब्बा ने एक समाज सेवी संस्था के साथ मिलकर 4 लाख रुपये आर्थिक दंड का भुगतान भी करवा दिया था, लेकिन पाक नागरिकता के चलते उनकी रिहाई नहीं हो रही थी।
सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने पर भी रिहाई नहीं हो पाने की हालातों पर वकील चब्बा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मामले के हालातों को लेकर पत्र लिखा था। पीएमओ से 17 अक्टूबर 2017 को जारी एक पत्र में वकील चब्बा को जवाब दिया गया कि तीनों कैदियों की रहाई 2 नवंबर को की जाएगी।
वकील चब्बा ने बताया कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की तरफ से उन्हें जानकारी दी गई है कि आज फातिमा उसकी बहन मुमताज और बेटी हिना को अटारी बार्डर के लिए रवाना कर दिया गया। मां की सजा के दौरान अमृतसर जेल में ही पैदा हुई मासूम हिना के लिए वतन पहुंचना एक सपने जैसा था। आज सुबह तीनों वतन के लिए रवाना हो गए।