चंडीगढ़ | पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा है कि महिलाओं की शक्ति उनकी शख्सियत में नहीं बल्कि हमारे देश व संसार के प्रत्येक क्षेत्र में है। समाज के संचालन में महिलाओं का प्रबंधन बेहद अहम है। महिलाओं के समाज के प्रति योगदान को कम नहीं आंकना चाहिए। संधवा ने उक्त विचार मोटीवेशनल स्पीकर एवं लेखिका हरदीप कौर की पहली पुस्तक श्मशान घाट सौ गया के विमोचन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर पंजाब व चंडीगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए हुए लेखकों, बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कलम की ताकत का अंदाजा लेखक या पाठक लगा सकता है। कलम शस्त्र भी है और अस्त्र भी है। विधानसभा स्पीकर ने गुरू गोबिंद सिंह जी को महान लेखक बताते हुए कहा कि उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब को हथियार से नहीं बल्कि कलम के साथ ही चित्त किया था। गुरु साहिब द्वारा अपने कलम से लिखा गया जफरनामा यूनिवर्सल दस्तावेज बना।स्पीकर ने किताब की लेखिका हरदीप कौर को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में किताबें पढऩे तथा लिखने को लेकर रूझान कम होता जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा लेखकों को हरदीप कौर से नई दिशा लेकर आगे बढऩा चाहिए कि एक महिला किसत तरह से अपने घर, परिवार, अपने कार्य क्षेत्र में तालमेल बिठाते हुए लेखन के माध्यम से समाज में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं को एक किताब के रूप में पेश किया है।
पंजाब विधानसभा स्पीकर ने हरदीप कौर की पुस्तक शमशान घाट सौ गया का किया विमोचन, महिलाओं को ही महिलाओं की मदद के लिए आगे आना होगा:राज लाली गिल
स्पीकर ने दिशा वूमैन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हरदीप कौर एक महिला होने के नाते महिलाओं की समस्याओं को बखूबी समझती हैं और वह अपने मंच के माध्यम से उनका समाधान करवाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास कर रही हैं। वरिष्ठ लेखक एवं साहित्यकार दीपक चनाथल के मंच संचालन में आयोजित कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए लेखिका हरदीप कौर ने कहा कि इस पुस्तक में उन्होंने रोजमर्रा के जीवन में होने वाली घटनाओं को केंद्रित किया है। पुस्तक के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि महिलाएं अपने कार्यक्षेत्र ही नहीं घरों में भी महफूज नहीं हैं।कार्यक्रम में पहुंची पंजाब महिला आयोग की अध्यक्षा राज लाली गिल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपनी पहचान बनाने के लिए खुद आगे आना होगा। महिलाओं को चूल्हे-चौके वाली सोच को छोडक़र न केवल अपने लिए बल्कि अपने आसपास की महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई भी लडऩी होगी।
इस अवसर पर पंजाबी लेखक सभा चंडीगढ़ के प्रधान बलकार सिद्धू ने हरदीप कौर की पुस्तक शमशान घाट सौ गया के बारे में विस्तार से चर्चा की। कहानीकार एवं विश्लेषक जसीवर राणा ने पुस्तक के सभी पहलूओं को उपस्थिति लोगों के समक्ष रखते हुए कहा कि कोई भी इंसान किसी भी क्षेत्र में शतप्रतिशत पूरा नहीं होता। हरदीप ने महिलाओं की दिनचर्या को किताब के माध्यम से पेश करके महिलाओं को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि वह अपनी सामान्य दिनचर्या से हटकर और क्या करें। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखकर जगतार भुल्लर ने कहा कि लिखना एक कला है। लेखक मन अपने आसपास की घटनाओं को कलम के माध्यम से पिरोकर जब पन्नों पर उतारता है तो वह किताब का रूप ले लेती है। भुल्लर ने कहा कि किताब को पढऩे के बाद इस बार अपनी टिप्पणी जरूर करें ताकि लेखक को कुछ नया करने का प्रोत्साहन मिले। इस अवसर पर विशेष रूप से पहुंचे दोआबा ग्रुप ऑफ कालेज के वाइस चेयरमैन मनजीत सिंह ने कहा कि दोआबा ग्रुप ऑफ कालेज द्वारा दिशा वूमैन वेलफेयर ट्रस्ट के साथ मिलकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर दिशा वूमैन वेलफेयर ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ.रिम्मी सिंगला, एडवोकेट रुपिंदर कौर, जज विस्मन मान, एमसी रमनदीप कौर, मैडम जोहल, एंकर राधिका शर्मा और ट्राई सिटी चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित हुए ।