चंडीगढ़,2 नवंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) पंजाब के अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने बताया कि विभाग द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के करवाए जा रहे विशेष ऑडिट दौरान विभिन्न शिक्षा संस्थाओं के घपले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षिक कल्याण योजना में घपलो के दोष अधीन और घपलेबाज़ों का सहयोग करने और अपनी ड्यूटी में लापरवाही करने के दोष में विभाग के 2 अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं। आज पंजाब सिविल सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत दौरान स. धर्मसोत ने बताया कि विभाग ने माननीय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्यभर की शिक्षा संस्थाओं का पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम फार एस.सी और ओ.बी.सी. का वर्ष 2011-12 से 2016-17 तक स्पैशल ऑडिट करने के 16 जून, 2017 को दिए गए आदेशों अनुसार वित्त विभाग द्वारा शैक्षिक संस्थाओं के रिकार्ड और अकाऊंट को चैक किया जा रहा है और इस स्पैशल ऑडिट को 31 दिसंबर, 2017 तक मुकम्मल कर दिया जायेगा। घपलों का पर्दाफाश करते हुये कल्याण मंत्री ने बताया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर ओ.बी.सी. स्कीम के अंतर्गत ‘यूनिवर्सल कालेज, डेराबस्सी’ द्वारा 311 ओ.बी.सी. के जाली विद्यार्थियों के नाम पर 1.18 करोड़ का दावा कल्याण विभाग से किया गया था, जिसमें विभाग द्वारा विशेष जांच की गई और अब इस कालेज ने 1 करोड़ 17 लाख 62 हज़ार की राशि कल्याण विभाग को वापस कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच दौरान पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम में घपला करने में सहयोग करने और अपनी ड्यूटी में लापरवाही करने के दोष अधीन कल्याण विभाग के मुख्य कार्यालय के तहसील कल्याण अधिकारी सनी बजाज और सीनियर सहायक सतीश कुमार को सस्पैंड करके चार्जशीट किया गया है।
कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि इस विशेष ऑडिट दौरान फिऱोज़पुर के देवराज ग्रुप ऑफ कालेज द्वारा भी जाली विद्यार्थी दिखाकर 4.40 करोड़ की ठगी मारने की कोशिश की गई थी। इस संस्था ने 4.40 करोड़ की राशि कल्याण विभाग पर बकाया होने संबंधी माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पास पहुँच गई थी। जब माननीय हाईकोर्ट के आदेशों पर इस संस्था का विशेष ऑडिट करवाया गया तो इस संस्था का 4.40 करोड़ की राशि का दावा जाली पाया गया। कल्याण मंत्री ने उक्त दोनों शिक्षा संस्थाओं पर एफ़.आई.आर. दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
स. धर्मसोत ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के आदेशों अनुसार वित्त विभाग द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर एस.सी स्कीम के अंतर्गत अब तक 249 संस्थाओं का ऑडिट मुकम्मल हो चुका है और ऑडिट पार्टियों द्वारा 249 संस्थाओं पर 53.76 करोड़ की राशि का दावा किया गया है। ऑडिट पार्टियों ने यह ऐतराजय़ोग्य राशि विभिन्न शिक्षा संसथांओं पर निकाली है, जिस में ड्राप आउट स्टूडैंट, विद्यार्थियों द्वारा बिना हस्ताक्षर किये आवेदन, बिना जाति और आय सर्टिफिकेट और रिन्यूअल विद्यार्थियों को बिना ऐकनोलेजमैंट से विभिन्न शिक्षा संस्थाओं द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर एस.सी. स्कीम के अंतर्गत छात्रवृत्ति का दावा किया गया था।
कल्याण मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा यह भी फ़ैसला किया गया है कि आशीर्वाद स्कीम (शगुन स्कीम) के अंतर्गत पिछले 5 वर्षो दौरान जारी राशि का ऑडिट दूसरे विभाग से करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत वर्तमान वर्ष 2017 से लाभार्थीयों को चैक द्वारा की जा रही अदायगी बंद करके आनलाइन बैंकिंग मैनेजमेंट व्यवस्था के द्वारा राशि लाभार्थीयों के खातों में सीधी ट्रांसफर की जायेगी। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल, 2017 से आशीर्वाद स्कीम के अंतर्गत अप्लाई करने वाले लाभार्थीयों को 21,000 रुपए की राशि और उससे पहले यानि 31 मार्च, 2017 तक अप्लाई कर चुके लाभार्थीयों को 15,000 रुपए के हिसाब से स्कीम का लाभ दिया जायेगा।
इससे पहले विभागीय आधिकारियों की उच्च स्तरीय मीटिंग को संबोधन करते हुये स. धर्मसोत ने कहा कि सरकार द्वारा चलाईं जा रही विभिन्न कल्याण स्कीमों को पात्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार से संबंधित समूची कल्याण स्कीमों को सुचारू ढंग से लागू किये जाने की ज़रूरत है जिससे इनका लाभ योग्य व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने विभागीय आधिकारियों को आदेश देते हुये कहा कि कल्याण स्कीमों का लाभ योग्य व्यक्तियों को देने की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी करने को सुनिश्चित किया जाये जिससे किसी किस्म की लापरवाही या अनावश्यक देरी न हो।
इस अवसर पर कल्याण विभाग, पंजाब के प्रमुख सचिव श्री आर. वेंकट रत्नम, डायरैक्टर श्री मालविंदर सिंह जग्गी, डायरैक्टर एस.सी. सब-प्लान श्री राज बहादर सिंह, कल्याण विभाग के समूह संयुक्त डायरैकटर, डिप्टी डायरैकटर और समूह जिलों के कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।