चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का जेल से इंटरव्यू करवाने के मामले में सात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। सरका ने यह कार्रवाई पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की है।
गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के दो इंटरव्यू वायरल हुए थे। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक पहला इंटरव्यू 3 व 4 सितंबर 2022 को हुआ है। लॉरेंस उस समय पंजाब में खरड़ स्थित सीआईए में था। दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जयपुर स्थित सेंट्रल जेल में हुआ है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर पंजाब सरकार ने की कार्रवाई
लॉरेंस का पहला इंटरव्यू 14 मार्च 2023 को ब्रॉडकास्ट हुआ था। जिसमें लॉरेंस ने सिद्धू मूसेवाला का कत्ल करवाने की बात कबूली थी। लॉरेंस का कहना था कि मूसेवाला सिंगिंग के बजाय गैंगवार में घुस रहा था। गैंगस्टर लॉरेंस के इंटरव्यू वर्ष 2023 में 14 और 17 मार्च को जारी किए गए थे। जिसके बाद पंजाब पुलिस पर सवाल उठे थे। इसके बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दावा किया था कि इंटरव्यू बठिंडा या पंजाब की किसी भी जेल से नहीं हुआ है। जिसके बाद हुई जांच में यह साफ हो गया था कि लारेंस का इंटरव्यू खरड़ में किया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिए थे कि वह मामले में कार्रवाई करके रिपोर्ट दाखिल करे। जिसके बाद शुक्रवार की रात पंजाब गृह विभाग के प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने एक आदेश जारी करके डीएसपी गुरशेर सिंह (अमृतसर स्थित 9 बटालियन), डीएसपी समर वनीत, सब इंस्पेक्टर रीना (सीआईए खरड़ में तैनात), सब इंस्पेक्टर जगतपाल जंगू (एजीटीएफ में तैनात), सब इंस्पेक्टर शगनजीत सिंह (एजीटीएफ), एएसआई मुखत्यार सिंह और हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश शामिल है। अब पंजाब सरकार द्वारा इस मामले में रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी।