मानसा | भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा शहर के माता सुंदरी यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का शुक्रवार को समापन हो गया। इस ज़िला स्तरीय कार्यक्रम में एस.पी. हेडक्वार्टर जसकीरत सिंह अहीर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर मंच से संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.पी. हेडक्वार्टर जसकीरत सिंह अहीर ने बताया कि इस साल 1 जुलाई से 3 नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। एस.पी. हेडक्वार्टर ने कहा कि अब कोई भी पीड़ित व्यक्ति किसी भी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है, जिसे तकनीकी रूप से ज़ीरो एफआईआर कहते है। जसकीरत सिंह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों से पुलिस की जांच में अधिक पारदर्शिता आई है। उन्होंने ना सिर्फ इन कानूनों के नए प्रावधानों की जानकारी दी बल्कि व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी प्रकाश डाला।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोले एस.पी. जसकीरत सिंह अहीर
इस अवसर पर डी.डी. न्यूज़ के संपादक और केंद्रीय संचार ब्यूरो, अमृतसर के प्रमुख गुरमीत सिंह ने बोलते हुए कहा कि देश में तीन नए आपराधिक कानूनों ने आईपीसी 1860, सीआर.पी.सी. 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 का स्थान लिया है। इन कानूनों के ज़रिए आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को कानून का हिस्सा बनाने से मामलों के जल्द निपटारे की राह आसान हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी कानून या नीति तभी सफल हो सकती है जब लोग इसके बारे में जागरूक हों।
इस मौके पर और भी वक्ताओं ने मंच से संबोधन किया। डॉ. रूपिंदरपाल कौर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मनरीत सिद्धू ने जल संरक्षण, प्रोफेसर हरजीत सिंह ने स्वच्छ भारत, अमनदीप कौर ने फिट इंडिया के विषय पर अपने विचार रखे, जबकि मंच का संचालन डॉ. बलम ने किया। इस मौके पर सभी अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
चित्र प्रदर्शनी देखने आए लोगों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना एक अच्छी पहल है। बहरहाल भारत सरकार की इस चित्र प्रदर्शनी का पाकीज़ा कला मंच द्वारा पेश किए गए नुक्कड़ नाटक सहित छात्राओं की परफोर्मेंस के साथ समापन हो गया।