वाशिंगटन | अमेरिका से इजराइल के सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक हो गए हैं। इन डॉक्यूमेंट में ईरान पर हमले की प्लानिंग थी। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है। खुफिया रिपोर्ट ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा कि इन्हें 18 अक्टूबर, शुक्रवार को टेलीग्राम पर 'मिडिल ईस्ट स्पेक्टेटर' नाम के चैनल ने पोस्ट किया है। इन डॉक्यूमेंट पर टॉप सीक्रेट और 15 और 16 अक्टूबर की तारीख लिखी हुई है। इस तरह से डॉक्यूमेंट का लीक होना अमेरिका के लिए गहरी चिंता का विषय है।
इनमें ईरान पर इजराइली पलटवार से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट; टेलीग्राम पर एक चैनल ने पोस्ट किए
ये डॉक्यूमेंट सिर्फ अमेरिका और उसके सहयोगी देश ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के लिए हैं। ये सभी देश खुफिया नेटवर्क फाइव आइज का हिस्सा हैं। ईरान ने इजराइल पर 1 अक्टूबर को 180 मिसाइलों से हमला किया था। इसके बाद इजराइल ने पलटवार करने की बात कही थी।
ईरान पर हमले के लिए तैयारी में जुटा इजराइल
सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक इजराइल ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। इनमें से एक डॉक्यूमेंट के मुताबिक हमले के लिए इजराइल ने हथियारों को ट्रांसपोर्ट करना शुरू कर दिया है। इस डॉक्यूमेंट को नेशनल जियोस्पैटियल इंटेलिजेंस एजेंसी ने तैयार किया है।
एक दूसरे डॉक्यूमेंट में इजराइल की वायुसेना की एक्सरसाइज से जुड़ी हुई जानकारियां हैं। इसमें हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों के टेस्ट से जुड़ी जानकारियां हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे ऐसा माना जा रहा है कि ये एक्सरसाइज ईरान पर हमले की तैयारी का हिस्सा हैं। खुफिया रिपोर्ट ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि इस बात की जांच की जा रही है कि पेंटागन के सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स तक किन-किन लोगों की पहुंच थी।
अमेरिका-इजराइल संबंधों पर पड़ सकता है असर
अमेरिका के पूर्व उप-विदेश मंत्री मिक मुलरॉय ने इस मामले पर कहा कि ईरान पर इजराइल के पलटवार से जुड़ी जानकारियां अगर सच में लीक हुई हैं, तो ये नियमों का एक गंभीर उल्लंघन है। इससे अमेरिका और इजराइल के बीच भविष्य में रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। दोनों देशों के संबंधों में विश्वास एक प्रमुख आधार है और इस लीक से ये विश्वास कमजोर हो सकता है।
पिछले साल भी अमेरिका से कुछ खुफिया जानकारियां लीक हुई थीं। इनकी वजह से अमेरिका और सहयोगी देशों जैसे साउथ कोरिया और यूक्रेन के बीच तनाव पैदा हो गया था। इन डॉक्यूमेंट्स को एक 21 साल के नेशनल एयर गार्ड्समैन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
हैक हुए या जानबूझकर लीक किए गए, अब तक साफ नहीं
इन डॉक्यूमेंट्स के लीक होने की जानकारी पहली बार शनिवार को सामने आई थी। अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि इन डॉक्यूमेंट्स को हैक किया गया है या किसी ने जानबूझकर लीक किया है। अमेरिका पहले से ईरान की तरफ की जा रही हैकिंग की कोशिशों को लेकर सतर्क है। इससे पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने अगस्त में बताया था कि ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चुनाव अभियान से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को हैक कर लिया था।