तेल अवीव | इजराइल पर 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले का मास्टरमाइंड हमास चीफ याह्या सिनवार मारा गया है। इजराइली के PM बेंजामिन नेतन्याहू और विदेश मंत्री काट्ज ने गुरुवार रात को सिनवार के मौत की पुष्टि की है। नेतन्याहू ने वीडियो मैसेज में कहा- "हमने हिसाब चुकता कर दिया, लेकिन जंग अभी जारी है।
PM नेतन्याहू ने पुष्टि की, कहा- हमने हिसाब चुकता कर दिया, लेकिन जंग अभी जारी
दरअसल इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने 16 अक्टूबर को रूटीन ऑपरेशन में सेंट्रल गाजा की एक इमारत पर हमला किया था। जिसमें हमास के 3 सदस्यों के मारे जाने की खबर आई। बाद में पता चला कि इनमें से एक याह्या सिनवार है। सोशल मीडिया पर इसके फोटो वायरल हुए। इसमें उसके चेहरे, दांत और घड़ी से दावा किया गया कि मारा गया शख्स याह्या सिनवार है। दरअसल, इजराइल और हमास की जंग की वजह 7 अक्टूबर हमला था, इसमें 1200 इजराइली नागरिक मारे गए थे। तब से दोनों के बीच जंग जारी है।
मौत की पुष्टि की लिए DNA टेस्ट हुआ
सिनवार की मौत की जांच के लिए DNA टेस्ट किया गया। इससे पहले भी सिनवार को मारने के लिए इजराइल ने कई कोशिशें की थी। हालांकि इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी थी। 23 सितंबर को भी सिनवार की मौत का दावा किया गया था।
बाइडेन बोले- ये पूरी दुनिया के लिए खुशी का दिन
सिनवार के मारे जाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिनवार ही 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था। यह इजराइल, अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा दिन है। bu हजारों इजराइलियों, फिलिस्तीनियों, अमेरिकियों और 30 से भी ज्यादा देशों के नागरिकों की मौत का जिम्मेदार था।
78 दिन पहले मारा गया था हमास का पूर्व चीफ हानियेह
हमास का पूर्व चीफ इस्माइल हानियेह 31 जुलाई को ईरान में मारा गया था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उसकी मौत की पुष्टि की थी। IRGC ने बताया था कि तेहरान में हानियेह के ठिकाने पर रात 2 बजे (भारतीय समय के मुताबिक सुबह 4 बजे) मिसाइल से हमला किया गया था। इसमें हानियेह और उसके एक बॉडीगार्ड की मौत हो गई थी। हानियेह ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए तेहरान पहुंचा था। ईरान ने इजराइल पर हानियेह की हत्या करवाने के आरोप लगाए थे।
हमास की टॉप लीडरशिप में सिनवार ही बचा था
इजराइल पर पिछले साल 7 अक्टूबर को हुए हमले के तीन अहम किरदार थे। इनमें पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानियेह, मिलिट्री चीफ मोहम्मद दाइफ के अलावा गाजा में हमास का लीडर याह्या सिनवार शामिल था। 31 जुलाई को ईरान में हानियेह की मौत के बाद सिनवार ही संगठन का नया चीफ बना था।
वहीं हमास के मिलिट्री चीफ मोहम्मद दाइफ की 13 जुलाई को ही एक हवाई हमले में मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि 1 अगस्त को हुई थी। ऐसे में अब हमास की टॉप लीडरशिप में सिर्फ सिनवार ही बचा था। लिहाजा इजराइल का पूरा ध्यान इस वक्त सिनवार को ढूंढकर उसे मारने पर लगा हुआ था।
रिफ्यूजी कैंप में जन्मा, 22 साल जेल में रहा सिनवार
सिनवार का पूरा नाम याह्या इब्राहिम हसन सिनवार था। उसका जन्म गाजा पट्टी के दक्षिणी इलाके में स्थित खान यूनिस के शरणार्थी कैंप में हुआ था। याह्या के मां-बाप अश्केलॉन के थे। 1948 में इजराइल की स्थापना हुई और हजारों फिलिस्तीनियों को उनके पुश्तैनी घरों से निकाला गया, तो याह्या के माता-पिता भी शरणार्थी बन गए थे।
दो इजरायली सैनिकों और चार फिलिस्तीनियों का अपहरण और उनकी हत्या करने के आरोप में सिनवार को 1989 में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त याह्या की उम्र 19 साल थी। मुकदमा चला। बाद में उसे चार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गईं।
हालांकि, 2011 में इजराइली सैनिक गिलाद शालिट के बदले में 1000 से ज्यादा कैदियों की अदला-बदली के दौरान सिनवार को भी रिहा कर दिया गया था। तब तक सिनवार करीब 22 साल जेल में बिता चुका था।